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'मेरे और राज के साथ आने से अगर किसी के पेट में दर्द होता है, तो ये मेरी समस्या नहीं', उद्धव ठाकरे का किस पर निशाना?

भाई राज ठाकरे से मुलाकात के मुद्दे पर उद्धव ने कहा, मेरे और राज के साथ आने से अगर किसी के पेट में दर्द होता है तो मैं उस पर ध्यान नहीं देता। अगर किसी को हमारे साथ आने से जलन होती है, तो वह उसकी समस्या है, मेरी नहीं।

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उद्धव ठाकरे का विरोधियों पर निशाना (PTI)

Uddhav Thackeray: शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र सामना को दिए इंटरव्यू में मराठी-हिंदी विवाद, भाई राज ठाकरे के साथ गठजोड़ सहित कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भाई राज के साथ मुलाकात पर लोग क्या सोचते हैं, उन्हें परवाह नहीं। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी उद्धव ने मोदी सरकार को निशाने पर लिया। इस इंटरव्यू में उद्धव ने तमाम मुद्दों पर क्या-क्या कहा जानते हैं।

राज ठाकरे से गठजोड़ पर कही ये बात

भाई राज ठाकरे से मुलाकात के मुद्दे पर उद्धव ने कहा, मेरे और राज के साथ आने से अगर किसी के पेट में दर्द होता है तो मैं उस पर ध्यान नहीं देता। अगर किसी को हमारे साथ आने से जलन होती है, तो वह उसकी समस्या है, मेरी नहीं। मराठी मानुस के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मराठी मानुस अब जाग चुका है, अब अन्याय सहन नहीं करेगा। हिंदी विरोध के मुद्दे पर कहा कि हम हिंदी का विरोध नहीं करते, लेकिन हिंदी की जबरदस्ती स्वीकार नहीं। हम पर कोई भाषा न थोपे, जैसे हम भी किसी पर मराठी नहीं थोपते। मराठी मानुस जिद्दी नहीं होता, पर जब उसके साथ अन्याय होता है तो वह बर्दाश्त नहीं करता।

ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार को घेरा

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उद्धव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर सेना ने पराक्रम दिखाया, लेकिन सरकार ने उनके पैर पीछे खींच लिए। मोदी सरकार बताए, किसके दबाव में ऑपरेशन सिंदूर रोका गया? हमारी सेना की वीरता का श्रेय कोई सरकार न ले। साथ ही उद्धव ने कहा कि जिसने मुंबई के लिए कभी समझौता नहीं किया, उस शिवसेना को खत्म करने की साजिश की गई।

हमारा हनुमान चालीसा को लेकर विरोध नहीं

केंद्र सरकार को सिर्फ व्यापार की चिंता है, देश की नहीं। उद्धव ने कहा, देश के पास प्रधानमंत्री नहीं है, सिर्फ भाजपा के पास प्रधानमंत्री है। जो लोग देश चला रहे हैं, वो संविधान को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। साथ ही कहा कि हमारा हनुमान चालीसा को लेकर विरोध नहीं है लेकिन हमारा मारुति स्रोत क्यों भुलावाया जा रहा है। हम मराठी में मारुति स्रोत पढ़ते है आप हनुमान चालीसा पढ़िए, हनुमान तो एक ही है

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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