हैदराबाद के यूसुफगुड़ा इलाके में कांग्रेस पार्टी नेता नवीन यादव के खिलाफ फर्जी वोटर आईडी कार्ड (EPIC) बांटने के आरोप में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह कार्यक्रम वोटर कार्ड वितरण समारोह नाम से कांग्रेस कार्यालय, यूसुफगुड़ा चेकपोस्ट (सरकारी स्कूल के पास) में आयोजित हुआ था। कार्यक्रम में पार्टी के बैनर और झंडे लगे थे और इसे सार्वजनिक रूप से प्रचारित किया गया। बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम दशहरा त्योहार से पहले हुआ था।
सांसद रघुनंदन राव ने की शिकायत
इस मामले की शिकायत मेदक के सांसद रघुनंदन राव ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता नवीन यादव ने निर्वाचन आयोग की अनुमति के बिना वोटर कार्ड बांटे और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने भी इस आयोजन में सहयोग दिया। सांसद ने इसे चुनावी आचार संहिता और निर्वाचन कानून का उल्लंघन बताया और तुरंत कार्रवाई की मांग की थी।
जांच में सामने आई बड़ी बात
शिकायत पर जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर ने जांच की। रिपोर्ट में पाया गया कि कार्यक्रम में जो कार्ड बांटे गए, वे असली नहीं थे बल्कि EPIC कार्ड जैसे दिखने वाले रंगीन प्रिंटेड कार्ड थे, जिन पर इलेक्शन कमीशन का होलोग्राम नहीं था। मतदाताओं ने इंटरनेट से ई-EPIC डाउनलोड कर उसे छपवाया और नवीन यादव ने उन्हें लैमिनेटेड कार्ड के रूप में बांटा। कार्यक्रम की तस्वीरों और वीडियो में यह स्पष्ट रूप से दिखा कि कार्डों पर जय कांग्रेस का स्लोगन और नेता की फोटो छपी थी।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
शिकायत मिलने के बाद इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर जी. रजनीकांत रेड्डी ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। इसके बाद माधुरा नगर थाने में एफआईआर नंबर 655/2025 दर्ज की गई। एफआईआर में धाराएं 123(1), 123(2) रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट, 170, 171 और 174 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज हुआ। जांच अधिकारी एसआई जी. शिवा शंकर को केस सौंपा गया है।
निर्वाचन अधिकारी ने बताया गंभीर मामला
ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) के आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि किसी राजनीतिक दल या उसके सदस्य द्वारा वोटर आईडी कार्ड का वितरण चुनावी कानून का गंभीर उल्लंघन है। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, केवल बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को ही वोटर कार्ड बांटने का अधिकार है, वह भी निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में। रिपोर्ट में कहा गया कि इस तरह की गतिविधियां मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास हैं और इन्हें अवैध प्रचार या रिश्वत की श्रेणी में रखा जा सकता है।
आगे की जांच और कार्रवाई जारी
पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें जब्त कर ली हैं और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ शुरू कर दी है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी राजनीतिक दल इस तरह की हरकत न करे।
