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18 पुलिसकर्मी, 3 SUV और एयरपोर्ट पर हिरासत, CJP के 3 नेताओं को दिल्ली पुलिस ने कैसे अलग-अलग जगहों पर पहुंचाया था?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन संभव नहीं हो सका। पुलिस ने किस तरह इन तीन नेताओं को विमान में ही हिरासत में लेकर अलग-अलग जगहों पर पहुंचाया, जानिए।

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सीजेपी नेताओं को किस तरह लिया गया हिरासत में? (ANI Screen Grab)

Photo : ANI

10 अक्टूबर को सुबह 10:19 बजे मुंबई से एयर इंडिया की फ्लाइट (AI-2428) के दिल्ली में उतरने से कुछ ही मिनट पहले, 18 पुलिसकर्मियों का एक दल तीन एसयूवी में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा। फ्लाइट में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के तीन नेता सवार थे - संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका। पुलिस ने तीनों को विमान के अंदर ही हिरासत में ले लिया। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने तीनों को हवाई अड्डे पर ही हिरासत में लेने की योजना बनाई थी। पुलिस ने उनसे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने और जंतर-मंतर जाने से मना करने को कहा था, क्योंकि उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली थी। पुलिस ने किस तरह इन तीन नेताओं को हिरासत में लेकर अलग-अलग जगहों पर पहुंचाया, जानिए।

मुंबई से दिल्ली पहुंचते ही पुलिस ने घेरा

10 अक्टूबर को सुबह 10:19 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2428 दिल्ली पहुंची। विमान में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और सह-संयोजक सौरव दास व आशुतोष रांका सवार थे। उनके उतरने से पहले ही 18 पुलिसकर्मी तीन SUV के साथ IGI एयरपोर्ट पहुंच चुके थे।

विमान को रिमोट पार्किंग बे में ले जाया गया

विमान के उतरने के बाद उसे रिमोट पार्किंग बे में खड़ा किया गया। यात्रियों को अपनी सीटों पर बैठे रहने की घोषणा की गई। इसके बाद पुलिस टीम विमान में पहुंची और तीनों नेताओं को नीचे उतरने के लिए कहा।

एयर इंडिया की बस से टर्मिनल-3 के गेट 6 तक

एक इंस्पेक्टर सात पुलिसकर्मियों के साथ विमान में दाखिल हुआ। टीम में तीन महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। तीनों नेताओं को एयर इंडिया की बस से टर्मिनल-3 के गेट नंबर 6 पर लाया गया। वहां से उन्हें अलग-अलग पुलिस गाड़ियों में बैठाया गया।

तीन नेता, तीन अलग-अलग ठिकाने

अभिजीत दिपके को वसंत विहार स्थित साउथवेस्ट जिले के स्पेशल स्टाफ कार्यालय ले जाया गया। सौरव दास को आरके पुरम थाने और आशुतोष रांका को बाबा हरिदास नगर थाने पहुंचाया गया। हर टीम में छह पुलिसकर्मी थे।

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी लिए गए

पुलिस ने एहतियाती हिरासत के दौरान तीनों नेताओं से मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा कराने को कहा। उन्हें अलग-अलग जगह रखने का मकसद एक स्थान पर समर्थकों की भीड़ जुटने और अव्यवस्था की आशंका को रोकना बताया गया। पुलिस टीम के एक सदस्य ने पूरी कार्रवाई रिकॉर्ड भी की।

किस वजह से हुई कार्रवाई?

तीनों नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहते थे और जंतर-मंतर जाने की योजना थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली थी। ऐसे में शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत एहतियाती कार्रवाई की गई।

हिरासत के दौरान मिली दादी के निधन की खबर

हिरासत के दौरान पुलिस को अभिजीत दिपके की दादी के महाराष्ट्र में निधन की सूचना मिली। यह खबर उन्हें दी गई। बाद में दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें महिला पुलिस अधिकारी दिपके को इसकी जानकारी देती दिखीं। एक अन्य अधिकारी ने उनसे परिवार से बात करने या अपने गृह नगर लौटने की इच्छा के बारे में भी पूछा।

50 हजार के मुचलके पर तीनों रिहा

रात पुलिस थानों में बिताने के बाद रविवार सुबह तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट थाने ले जाया गया। वहां उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। हर नेता को 50,000 रुपये का जमानती मुचलका भरने के बाद रिहा कर दिया गया। इसके बाद वे अपना जब्त सामान लेने वसंत विहार थाने पहुंचे।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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