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हाथ में बंदूक लिए छिपे आतंकी... सामने आया एनकाउंटर का ड्रोन VIDEO; सुरक्षाबलों ने कुछ यूं किया ढेर

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के अवंतीपुरा के नादेर त्राल इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया।

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सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के अवंतीपुरा के नादेर त्राल इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया।

यह क्षेत्र में 48 घंटे के भीतर दूसरी मुठभेड़ है। तलाशी अभियान के दौरान छिपे हुए आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में जानकारी मिलने के बाद दक्षिण कश्मीर जिले के अवंतीपोरा के नादेर त्राल क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया।

एनकाउंटर का ड्रोन फुटेज

जब आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की, तो सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की । इस दौरान तीन आतंकवादी मारे गए। टाइम्स नाउ ने इस एनकाउंटर का ड्रोन फुटेज हासिल किया है। आप इस वीडियो में देख सकते है कि कैसे आतंकवादियों का पता लगाया गया, ट्रैक किया गया और सुरक्षा बलों द्वारा उन्हें मुठभेड़ में मार गिराया गया।

तलाशी अभियान अब भी जारी

आतंकवादियों की पहचान और उनके संगठन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, इलाके में तलाश अभियान अब भी जारी है।

गुरुवार की मुठभेड़ शोपियां जिले के केल्लर इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा एक अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को मार गिराने के दो दिन बाद हुई है। वह पिछले साल मई में शोपियां के हीरपोरा में भाजपा सरपंच की हत्या में भी शामिल था। 2024 में आतंकी समूह में शामिल होने वाला शफी शोपियां जिले के वाची में एक गैर-स्थानीय मजदूर की हत्या में शामिल था।

22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या की थी

भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश के अंदर किसी भी आतंकी कार्रवाई को युद्ध कार्रवाई माना जाएगा। पाकिस्तान द्वारा समर्थित और प्रायोजित आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय सहित 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी। (एजेंसी इनपुट के साथ)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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