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देश में ईरानी समर्थक और विरोधियों दोनों पर पैनी नजर, खामनेई की मौत के बाद गृह मंत्रालय का अलर्ट जारी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

Home Ministry issued alert to Indian States: गृह मंत्रालय के राज्यों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि वे ईरान समर्थक और ईरान विरोधी समूहों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें। ईरानी, अमेरिकी और इजरायली दूतावासों के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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देश में ईरानी समर्थक और विरोधियों दोनों पर पैनी नजर, खामनेई की मौत के बाद गृह मंत्रालय का अलर्ट जारी

Indian Security Agencies on Alert: गृह मंत्रालय ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद देश के विभिन्न राज्यों को संभावित हिंसा और छिटपुट विरोध प्रदर्शनों को लेकर अलर्ट जारी किया है। मंत्रालय ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का असर भारत की आंतरिक सुरक्षा पर पड़ सकता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहें।

ईरान समर्थक और ईरान विरोधी समूहों की गतिविधियों पर नजर

राज्यों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि वे ईरान समर्थक और ईरान विरोधी समूहों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें। विशेष रूप से ईरानी, अमेरिकी और इजरायली दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

आतंकी भी मौके में?

गृह मंत्रालय ने शिया मिलिशिया के साथ-साथ इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों से उत्पन्न संभावित खतरों की ओर भी इशारा किया है। खुफिया इनपुट के अनुसार, आतंकी समूह इस तनावपूर्ण माहौल का फायदा उठाकर अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।

सुरक्षा अलर्ट में दूतावासों के अलावा प्रमुख पर्यटक स्थलों, यहूदी संस्थानों और पश्चिमी देशों से जुड़े प्रतिष्ठानों को संभावित लक्ष्य बताया गया है। केंद्र ने राज्यों को सलाह दी है कि वे महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाएं। मंत्रालय ने सोशल मीडिया की निगरानी पर भी विशेष जोर दिया है ताकि भड़काऊ संदेशों और अफवाहों के प्रसार को रोका जा सके।

मोदी ने फंसे भारतीयों की मदद के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए

सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) ने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे घटनाक्रम से प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए आवश्यक एवं व्यवहार्य कदम उठाएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार रात हुई बैठक में CCS ने शत्रुता को शीघ्र समाप्त करने और संवाद एवं कूटनीति के जरिए मामले का हल निकालने के महत्व पर भी जोर दिया।

CCS देश के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है। बयान के अनुसार, 'सीसीएस ने सभी संबंधित विभागों को घटनाक्रम से प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए आवश्यक और व्यवहार्य कदम उठाने का निर्देश दिया। उसने शत्रुता को शीघ्र समाप्त करने और संवाद एवं कूटनीति की ओर लौटने के महत्व पर बल दिया।'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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