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'इतिहास मेरे प्रति होगा दयालु...' अपने आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले थे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

Manmohan Singh Death: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इतिहास उनके प्रति दयालु होने की बात कही थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 10 साल पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बात क्यों कही थी। आइए जानते है...

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इतिहास मेरे प्रति होगा दयालु होगा- मनमोहन सिंह

Photo : ANI

Manmohan Singh: 'इतिहास शायद मेरे साथ न्याय करेगा’ आज से करीब 10 साल पहले 2014 में ये बात कहने वाले पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने बीते गुरुवार को अंतिम सांस ली है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 10 साल पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बात क्यों कही थी। आज हम आपको उस घटना से जुड़ी सार बात बताएंगे...

3 जनवरी 2014 को प्रधानमंत्री के रूप में अपने अंतिम प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. मनमोहन सिंह ने एक टिप्पणी की थी, जो पिछले एक दशक में कई बार सोशल मीडिया पर घूम चुकी है। उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक मीडिया कर्मचारी ने डॉ. मनमोहन सिंह से अपने मंत्रियों पर लगाम लगाने में उनकी असमर्थता और कई स्थितियों में कार्रवाई करने से इनकार करने के बारे में पूछा था। इसका जवाब देते हुए डॉ. सिंह ने मुस्कुराते हुए कहा था कि मैं ईमानदारी से मानता हूं कि इतिहास मेरे प्रति समकालीन मीडिया या संसद में विपक्षी दलों की तुलना में अधिक दयालु होगा।

मैं कैबिनेट प्रणाली में होने वाली सभी चीजों का खुलासा नहीं कर सकता- मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि मैं सरकार की कैबिनेट प्रणाली में होने वाली सभी चीजों का खुलासा नहीं कर सकता। मुझे लगता है कि गठबंधन राजनीति की परिस्थितियों और मजबूरियों को ध्यान में रखते हुए मैंने उन परिस्थितियों में जितना अच्छा कर सकता था, किया है। बता दें, उस समय, यूपीए-2 सरकार अपने कई मंत्रालयों में भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रही थी, जो 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस की हार और नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा के सत्ता में आने का एक प्रमुख कारण था।

बता दें, 92 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री ने गुरुवार को अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। एम्स ने एक बयान में कहा कि डॉ. सिंह उम्र संबंधी बीमारियों के चलते उपचाराधीन थे। आज वे घर पर बेहोश हो गए। अस्पताल ने कहा कि घर पर तुरंत ही उन्हें होश में लाने के उपाय शुरू किए गए। उन्हें रात 8.06 बजे एम्स के मेडिकल इमरजेंसी में लाया गया। तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और रात 9.51 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्रधानमंत्री के रूप में कार्यपालिका का नेतृत्व करने से पहले, डॉ. सिंह ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में कार्य किया तथा पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार के तहत वित्त मंत्री के रूप में भारत के आर्थिक सुधारों की देखरेख की।

प्रधानमंत्री मोदी ने मनमोहन सिंह के निधन पर व्यक्त किया शोक

इस बीच शीर्ष पद पर अपने पूर्ववर्ती के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक के निधन पर शोक व्यक्त करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर शोक व्यक्त करता है। साधारण पृष्ठभूमि से उठकर वे एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री बने। उन्होंने वित्त मंत्री सहित विभिन्न सरकारी पदों पर कार्य किया और वर्षों तक हमारी आर्थिक नीति पर अपनी मजबूत छाप छोड़ी। संसद में उनके हस्तक्षेप भी व्यावहारिक थे। हमारे प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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