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जानलेवा गर्मी: Heatwave का कहर, यूपी-बिहार में तीन दिन में 98 मौतें; सैकड़ों अस्पताल में भर्ती

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 18, 2023, 09:58 AM IST

Heat wave Alert: हीट स्ट्रोक के कारण उत्तर प्रदेश में तीन दिनों में 54 मौतें दर्ज की गई हैं, ये सभी मौतें 15, 16 और 17 जून के बीच हुई हैं। वहीं पटना में बीते 24 घंटे में गर्मी से 35 लोगों ने जान गंवा दी। इसके अलावा यहां के अन्य जिलों में नौ मौतें दर्ज की गई हैं।

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यूपी-बिहार में लू का कहर

Heat wave Alert: उत्तर प्रदेश और बिहार समेत पूरा उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में हैं। पूर्वी यूपी और बिहार के कई जिलों में बीते कई दिनों से हीटवेव (लू) का कहर जारी है। इन जिलों में पारा 40 डिग्री के पार जा रहा है और प्रचंड गर्मी के कारण अब लोगों की जान पर बन आई है। जानलेवा गर्मी का सितम ऐसा है कि बीते तीन दिनों में दोनों राज्यों में करीब 98 लोगों की मौत हो चुकी है।

जानकारी के मुताबिक, हीट स्ट्रोक के कारण उत्तर प्रदेश में तीन दिनों में 54 मौतें दर्ज की गई हैं, ये सभी मौतें 15, 16 और 17 जून के बीच हुई हैं। वहीं पटना में बीते 24 घंटे में गर्मी से 35 लोगों ने जान गंवा दी। इसके अलावा यहां के अन्य जिलों में नौ मौतें दर्ज की गई हैं। सबसे बुरा हाल उत्तर प्रदेश के बलिया में है, यहां मौतों के साथ ही साथ बीते तीन दिनों में करीब 400 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बढ़ रहे ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक के मामले

डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, उनमें ज्यादातर ने इन लोगों ने बुखार और सांस फूलने की शिकायत की है। वहीं, अन्य विशेषज्ञों ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के कारण लोगों को काफी समस्या हो रही है। उन्होंने कहा, अत्यधिक गर्मी के कारण ज्यादातर मौतें हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और डायरिया से हुई हैं।

अगले 24 घंटे काफी खतरनाक

मौसम विभाग ने कहा है कि बिहार के लिए अगले 24 घंटे काफी खतरनाक हैं। यहां के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी के मुताबिक, बिहार के बांका, जमुई, जहानाबाद, खगड़ियां, लखीसराय, नालंदा, नवादा, पटना, समस्तीपुर, शेखपुरा में आज लू का कहर जारी रहेगा। बिहार में भीषण गर्मी के कारण 24 जून तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं और लोगों को सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी आज भीषण गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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