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निष्पक्ष तरीके से नहीं हुई सुनवाई- मोदी सरनेम मामले पर सूरत कोर्ट में बोले राहुल गांधी के वकील, 20 अप्रैल को आएगा फैसला

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Apr 13, 2023, 08:23 PM IST

राहुल गांधी को मोदी सरनेम वाले मानहानि केस में दो साल की सजा हो चुकी है। इस सजा के बाद उनकी सांसद की सदस्यता रद्द कर दी गई और उनसे सरकारी घर भी खाली करने के लिए कह दिया गया है। इस सजा के कुछ दिनों बाद राहुल गांधी ने सजा पर रोक लगाने के लिए सेशन कोर्ट का रूख किया था।

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राहुल गांधी की अपील पर सूरत कोर्ट की सुनवाई पूरी है (फोटो- rahulgandhi)

KEY HIGHLIGHTS
  • राहुल गांधी को मोदी सरनेम वाले मानहानि के केस में दो साल की सजा हो चुकी है
  • राहुल गांधी को सजा के बाद रद्द हो चुकी है उनकी लोकसभा की सदस्यता
  • सूरत कोर्ट में आज दोनों पक्षों के वकीलों के बीच हुई जोरदार बहस

सूरत कोर्ट में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की याचिक पर चल रही सुनवाई पूरी हो गई है। इस मामले पर अब 20 अप्रैल को फैसला आएगा। राहुल गांधी की तरफ से पेश हुए वकील ने दलील दी कि इस मामले में निष्पक्ष तरीके से सुनवाई नहीं हुई है।

क्या है मामला

राहुल गांधी को मोदी सरनेम वाले मानहानि के केस में दो साल की सजा हो चुकी है। जिसके बाद उनकी सदस्यता भी जा चुकी है। राहुल गांधी को सजा सूरत मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने सुनाई थी। जिसके कुछ दिनों बाद राहुल गांधी सूरत के सेशन कोर्ट पहुंचे और सजा पर रोक लगाने की मांग की है। जिसपर गुरुवार को सुनवाई हुई।

आज क्या हुआ

राहुल गांधी के वकील ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मोदी सरनेम वाली टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने से "अपूरणीय क्षति और अपरिवर्तनीय चोट" का सामना करना पड़ा है। राहुल गांधी के वकील ने दलील दी कि मुकदमे में सुनवाई 'निष्पक्ष नहीं' थी। इस मामले में अधिकतम सजा दिए जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट का आदेश 'अजीब' है, क्योंकि निचली अदालत के न्यायाधीश ने 'रिकॉर्ड में उपलब्ध सभी सबूतों का घालमेल' कर दिया। चीमा ने गांधी की ओर से कहा- "यह निष्पक्ष सुनवाई नहीं थी। पूरा मामला इलेक्ट्रॉनिक सबूत पर आधारित है, जिसमें मैंने चुनाव के दौरान एक भाषण दिया और 100 किलोमीटर दूर बैठे एक व्यक्ति ने समाचारों में इसे देखने के बाद शिकायत दर्ज कराई...। इस मामले में अधिकतम सजा दिए जाने की आवश्यकता नहीं थी।"

20 को आएगा फैसला

इस मामले में सूरत की कोर्ट दोनों तरफ की दलीलों को सुनने के बाद आज फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई पूरी हो गई है। राहुल गांधी की याचिका पर कोर्ट अब 20 अप्रैल को अपना फैसला सुनाएगी।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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