Omar Abdullah: जम्मू में रिकॉर्ड स्तर पर हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश से जम्मू क्षेत्र की संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। यातायात व्यवस्था भी लड़खड़ा गई है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला हालात पर करीबी नजर रखे हुए हैं। हालांकि, इस प्राकृतिक आपदा के सामने उन्होंने अपनी निराशा और लाचारी जाहिर की है। उमर ने बुधवार को कहा कि जम्मू इलाके में संचार व्यवस्था लगभग-लगभग पूरी तरह से ठप हो गई है। ये हालात 2014 और 2019 के 'भयानक दिनों' की याद दिला रहे हैं जब वह राज्य से एक तरह से कट गए थे।
संचार व्यवस्था करीब-करीब खत्म हो गई है-उमर
X पर अपने एक पोस्ट में सीएम उमर ने कहा, 'इलाके में संचार व्यवस्था करीब-करीब खत्म हो गई है। इसे वापस पटरी पर लाने की चुनौती का सामना कर रहा हूं। जिओ मोबाइल पर बहुत ही कम डाटा मिल रहा है लेकिन फिक्स्ड लाइन वाई-फाई काम नहीं कर रहा। कोई ब्राउजिंग नहीं हो पा रही। कोई एप काम नहीं कर रहा। X भी बहुत मुश्किल से ओपन हो रहा है। व्हाट्सएप पर टेक्स्ट मैसेज भेजने में भी दिक्कत हो रही है। लोगों और इलाके से इस तरह की दूरी (Disconnected) मुझे 2014 और 2019 की याद दिला रही है।'
जन जीवन बाधित हुआ
अब्दुल्ला ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की और उन्हें जम्मू क्षेत्र में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बारे में जानकारी दी। क्षेत्र में बाढ़ आने से काफी नुकसान है। अब्दुल्ला ने अपने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, 'अमित शाह जी से फोन पर बात की और उन्हें जम्मू-कश्मीर, खासकर जम्मू क्षेत्र के हालात के बारे में जानकारी दी, जहां भारी और लगातार बारिश से बहुत नुकसान हुआ है और जन जीवन बाधित हुआ है।'
इंटरनेट सेवा जल्द बहाल करने की कोशिश
उन्होंने शाह को कनेक्टिविटी में जारी व्यवधान के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि फोन और डेटा (इंटरनेट) सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिशें जारी हैं। अबुल्ला ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि मैं कल पहली उड़ान से वहां पहुंच सकूंगा।' उन्होंने कहा कि वह 'हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं और क्षेत्र में जमीनी स्तर पर मौजूद टीमों के संपर्क में हैं।'
जम्मू क्षेत्र में बाढ़ आई, 10 लोगों की मौत
एक अलग पोस्ट में अब्दुल्ला ने माता वैष्णो देवी मंदिर के पास भूस्खलन में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की। उन्होंने लिखा, 'माता वैष्णो देवी मार्ग पर तीर्थयात्रियों की मृत्यु के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करे।' मूसलाधार बारिश के कारण पूरे जम्मू क्षेत्र में बाढ़ आ गई और कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। इस घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें वैष्णो देवी मार्ग पर जाने वाले छह तीर्थयात्री भी शामिल हैं। कई और लोगों के फंसे होने की आशंका है।
