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13 साल की लड़की को अगवा कर धर्म परिवर्तन का आरोप, दरगाह ले जाकर कर रहे थे निकाह की तैयारी; तीन आरोपी गिरफ्तार

Gujarat Conversion Case: गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के कोडिनार में 24 अक्टूबर 2026 की देर शाम एक महिला ने थाने में शिकायत दी कि उसकी 13 साल की बेटी स्कूल से घर नहीं लौटी। आरोप है कि उसे धर्म परिवर्तन कराकर शादी कराने की तैयारी की जा रही थी।

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गुजरात में धर्म परिवर्तन का आरोप (फोटो साभार- TNN)

Gujarat Conversion Case: गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के कोडिनार से लापता 13 साल की नाबालिग को पुलिस ने मेहसाणा के उंझा से रेस्क्यू किया है। नाबालिग को उंझा स्थित दातार बापू की दरगाह से बरामद किया गया। आरोप है कि उसे धर्म परिवर्तन कराकर शादी कराने की तैयारी की जा रही थी। इस मामले में कोडिनार पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और 3 को गिरफ्तार कर लिया है।

13 साल की लड़की को अगवा कर धर्म परिवर्तन का आरोप

कोडिनार के PI एन.वी. हरियानी ने बताया कि 24 अक्टूबर 2026 की देर शाम एक महिला ने थाने में शिकायत दी कि उसकी 13 साल की बेटी स्कूल से घर नहीं लौटी। मामला नाबालिग से जुड़ा होने पर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। CCTV फुटेज और पूछताछ में पता चला कि नाबालिग के साथ एक दूसरी लड़की भी थी। पुलिस ने टेक्निकल टीम की मदद से दूसरी लड़की के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, जो उंझा की ओर जा रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कोडिनार पुलिस की टीम उंझा पहुंची और उंझा पुलिस की मदद से दोनों लड़कियों को दातार बापू की दरगाह से रेस्क्यू किया। दोनों को कोडिनार लाकर महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पूछताछ की गई।

इंस्टाग्राम पर हुई पहचान

FIR के अनुसार, नाबालिग ने बताया कि 23 अक्टूबर को परीक्षा के बाद स्कूल के बाहर उसकी मुलाकात एक लड़की से हुई, जिसने अपना नाम नायराबानु बताया और कहा कि वह अपने मुंहबोले मामा अब्दुलभाई के घर आई है। 24 अक्टूबर को परीक्षा के बाद नाबालिग अब्दुल हाजीभाई संधी के घर गई। वहां नायराबानु और अब्दुल की तीन बेटियां थीं। नायराबानु ने उसे कोडिनार के पानी दरवाजा की दरगाह में दुआ के लिए चलने को कहा और काला बुर्का दिया। दोनों बुर्का पहनकर ऑटो से दरगाह गईं।

हिंदू धर्म छोड़ इस्लाम अपनाने की कही बात

वापस लौटने पर अब्दुल ने उन्हें उंझा की दरगाह जाने को कहा और बताया कि वहां बबली व्यवस्था करेगा। इसके बाद दोनों वेरावल स्टेशन से रात 9 बजे ट्रेन से गांधीनगर और वहां से उंझा पहुंचीं। नाबालिग ने बताया कि उंझा स्टेशन पर साकिर उर्फ बबली उन्हें लेने आया। उसकी पहचान नाबालिग से इंस्टाग्राम पर करीब 7 महीने पहले हुई थी। वह उसके अकाउंट को फॉलो करता था। बबली दोनों को ऑटो से दातार बापू की दरगाह ले गया। वहां तीन काले बुर्के दिए गए और वे दो दिन रुकीं। आरोप है कि दरगाह के आसिफ कावली उर्फ मराठी ने नाबालिग से बात कर हिंदू धर्म छोड़ इस्लाम अपनाने पर दुख दूर होने और सुविधाएं मिलने की बात कही। उसे नमाज पढ़वाई गई और नाम रोजीताबानु रखा गया। FIR में आरोप है कि आसिफ ने उसे साकिर उर्फ बबली से निकाह के लिए भी कहा और कलमा पढ़वाया गया।

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दरगाह में सिम तोड़ने को कहा

FIR के अनुसार, पुलिस के तलाश करने की जानकारी मिलने पर दरगाह में मौजूद व्यक्ति ने दूसरी लड़की का सिम तोड़ने को कहा। नाबालिग ने भी अपना सिम तोड़ दिया था। तभी पुलिस पहुंच गई और दोनों को उंझा थाने ले गई। PI हरियानी ने कहा कि शुरुआती जांच में शादी की तैयारी की बात सामने आई है, लेकिन धर्म परिवर्तन हुआ या शादी हुई, इसकी स्पष्टता नहीं है। DSP स्तर पर जांच जारी है।

चार आरोपियों की भूमिका

FIR में चार आरोपी हैं- अब्दुल हाजीभाई संधी (कोडिनार), साकिर उर्फ बबली अल्ताफभाई पठान (उंझा, उम्र 18 साल), आसिफ कावली उर्फ मराठी (उंझा) और निशाद काजी (मूल धोराजी, उंझा में रहता था)। पुलिस के अनुसार, अब्दुल ने लड़कियों को भेजने में मदद की, बबली उंझा लेकर गया, आसिफ पर धर्म परिवर्तन में मदद का आरोप है और निशाद पर सहयोग का आरोप है। हरियानी ने कहा कि आसिफ को FIR में मौलवी बताया गया है, लेकिन वह मौलवी है या नहीं, इसकी जांच हो रही है। आगे और नाम सामने आ सकते हैं।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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