Giriraj Singh Vs Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर हमले के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की कड़ी आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ऐसा प्रतीत होता है कि ममता बनर्जी राज्य में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन जैसी सरकार का नेतृत्व कर रही हैं, जहां लोकतंत्र है ही नहीं।
'किम जोंग-उन की तरह सरकार चला रही हैं ममता बनर्जी'
गिरिराज सिंह ने कहा, 'पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र जैसा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि वहां किम जोंग-उन की सरकार है। अधीर रंजन ने कहा है कि अगर हत्या भी हो जाए तो कोई नई बात नहीं होगी। यह ममता बनर्जी का लोकतंत्र है।' सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार रात जब ईडी के अधिकारी उत्तर 24 परगना जिले में यात्रा कर रहे थे तो उनकी कार पर हमला किया गया और उसकी खिड़कियां तोड़ दी गईं।
टीएमसी और रोहिंग्या मुसलमानों पर लगाया हमले का आरोप
शुक्रवार को घटना को संबोधित करते हुए, भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हमले में दो से तीन ईडी अधिकारी घायल हो गए, उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला तृणमूल कांग्रेस के 'गुंडों' और रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा किया गया था, जो अवैध रूप से बंगाल में घुस आए थे। शुक्रवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, भाजपा नेता ने दावा किया कि सीएम ममता राज्य में 'जंगल राज' चला रही हैं।
अधीर रंजन चौधरी ने भी बहती गंगा में धो लिया अपना हाथ
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी ईडी टीम पर हमले के बाद अपने सहयोगी दल टीएमसी की आलोचना करते हुए कहा कि 'राज्य में कोई कानून-व्यवस्था नहीं है'। उन्होंने कहा, 'ईडी अधिकारियों पर सत्तारूढ़ सरकार के गुंडों के हमले के बाद यह स्पष्ट है कि राज्य में कोई कानून-व्यवस्था नहीं है। आज वे घायल हुए हैं, कल उनकी हत्या हो सकती है। ऐसी बात कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।'
टीएमसी ने अधीर रंजन चौधरी को बताया भाजपा का एजेंट
हालांकि, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कांग्रेस नेता को 'बीजेपी का एजेंट' बताया है। कुणाल घोष ने कहा, 'अधीर रंजन चौधरी बीजेपी के एजेंट हैं।' प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में शुक्रवार को इसकी छापेमारी के दौरान एक भीड़ के हमले में इसके अधिकारियों को गंभीर चोटें आईं और मोबाइल फोन एवं बटुआ जैसी उनकी वस्तुओं को लूट लिया गया। शुक्रवार देर शाम जारी एक आधिकारिक बयान में, संघीय एजेंसी ने कहा कि इसने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए स्थानीय पुलिस में एक शिकायत दी है।
शेख शाहजहां के आवास पर तलाशी लेने गई थी ईडी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि ईडी के अधिकारी पश्चिम बंगाल में एक टीएमसी नेता के आवास पर छापे के दौरान भीड़ द्वारा उनके सहयोगियों पर किए गए हमलों पर रिपोर्ट के ‘दो सेट’ तैयार कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि रिपोर्ट शनिवार तक ईडी के नयी दिल्ली कार्यालय को भेज दी जाएगी और उनकी अगली कार्रवाई का फैसला वहां उनके वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। ईडी की टीम पर उस वक्त हमला किया गया, जब वह राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में उत्तर 24 परगना स्थित संदेशखली में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शेख शाहजहां के आवास पर तलाशी लेने गई थी।
ईडी के तीन अधिकारियों को आईं गंभीर चोटें
एजेंसी ने कहा, 'ईडी अधिकारियों के कर्तव्य निर्वहन करने के दौरान उनपर भीड़ (संदेह है कि शेख और उनके सहयोगियों के उकसावे पर) ने हमला किया। तीन अधिकारियों को गंभीर चोटें आईं, क्योंकि भीड़ जान लेने के मकसद से ईडी अधिकारियों की ओर बढ़ रही थी।' ईडी ने बताया कि घायल अधिकारियों का एक अस्पताल में इलाज हो रहा है। संघीय एजेंसी ने कहा कि अन्य अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए तलाशी लिये बगैर मौके से भागना पड़ा, क्योंकि भीड़ ‘बहुत हिंसक’ हो गई थी और यहां तक कि उसने अधिकारियों का पीछा भी किया, ताकि उन्हें अपना आधिकारिक कार्य करने से रोक सकें।
भीड़ ने लूट लिए ईडी अधिकारियों के कई सामान
उन्होंने बताया, 'भीड़ ने ईडी अधिकारियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी, बटुआ आदि जैसी निजी/सरकारी वस्तुएं भी छीन या लूट लीं।' एजेंसी ने कहा, 'दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी और आवश्यक कार्रवाई के लिए क्षेत्राधिकार रखने वाले पुलिस थाने में जरूरी शिकायत दी गई।' तलाशी टीम जैसे ही शेख के आवास पर पहुंची, दरवाजा अंदर से बंद पाया गया और उन्होंने इसे खोलने से इनकार कर दिया। एजेंसी ने कहा कि इसके अधिकारियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मियों की मदद से दरवाजा खुलवाने की कोशिश की।
27 कर्मियों पर किया पथराव और लाठियों से हमला
एजेंसी ने आगे कहा, 'उस वक्त उनके मोबाइल फोन के लोकेशन से यह संकेत मिला कि वह घर के अंदर ही थे। इसके बाद, आधे घंटे के अंदर करीब 800 से 1000 व्यक्तियों की भीड़ ने ईडी की टीम की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। भीड़ में शामिल लोगों के हाथों में लाठी, पत्थर, ईंट आदि थी। उन्होंने ईडी अधिकारियों और सीआरपीएफ कर्मियों को घेर लिया।' एजेंसी ने कहा, 'अचानक भीड़ ने ईडी अधिकारियों और सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला करना शुरू कर दिया, उनपर पथराव किया तथा अधिकारियों और सीआरपीएफ के 27 कर्मियों पर लाठियों से हमला किया। ईडी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की।' ईडी ने कहा कि भीड़ ने अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
