G-20 Summit: करीब 30 सालों तक आतंक के साए में रहने वाला जम्मू-कश्मीर का माहौल अब बदल गया है। इस बदले हुए माहौल में लोग खुश हैं और इस बदलाव की तारीफ कर रहे हैं। अनुच्छेद 370 एवं 35ए हटने के बाद राज्य तरक्की के रास्ते पर है। ऐसा लगता है कि घाटी में 80 का दशक लौट आया है। पर्यटन पर जी-20 की कार्यकारी समूह की तीन दिनों तक चली बैठक के दौरान कश्मीर की खूबसूरती देश और दुनिया के सामने आई है। डल झील के नजारे लोगों को लुभा रहे हैं। हस्तशिल्प से श्रीनगर के बाजार गुलजार हैं। अपने बीच देसी और विदेशी मेहमानों के होने की खुशी स्थानीय लोगों के चेहरों पर देखी जा सकती है।
बाजारों में रौनक लौटी, दुकानदार खुश
हालात सुधरने के बाद श्रीनगर के बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। कश्मीर अपनी हस्तकला के लिए दुनिया भर में मशहूर रहा है। यहां कि हाथ से बनी हुईं कालीनें, पशमीना शॉल अलग ही पहचान रखते हैं। यहां की कारीगरी पीएम नरेंद्र मोदी की 'वोकल फॉर लोकल' मुहिम को आगे बढ़ा रही है। कश्मीर के दिलकश नजारे, यहां का खान-पान, यहां के लोग सब कुछ अनूठा है। हालात बेहतर होने के बाद बड़ी संख्या में पर्यटक घाटी का रुख कर रहे हैं। 2019 के बाद यहां रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आए हैं। राज्य में निवेश बढ़ने से स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
जी-20 के प्रतिनिधियों ने मुगल गार्डन का सैर किया
जी-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने बुधवार को गोल्फ के एक सत्र का आनंद लिया और डल झील के किनारे प्रसिद्ध मुगल गार्डन की भी सैर की। प्रतिनिधि जिस होटल में ठहरे हैं उसके ‘लॉन’ में सुबह आयोजित एक योग सत्र में भी उन्होंने हिस्सा लिया और जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने रॉयल स्प्रिंग्स गोल्फ कोर्स (आरएसजीसी) में गोल्फ खेला। इसके बाद उन्होंने डल झील के किनारे स्थित प्रसिद्ध मुगल गार्डन ‘निशात’ का दौरा किया।
