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कर्नाटक में सीएम पद को लेकर लड़ाई! श्रीशैल पीठ के जगद्गुरु का आया बयान, बोले- हाईकमान निभाए वादा, डीके को मिले मौका

DK Shivakumar: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच श्रीशैल पीठ के जगद्गुरु चन्ना सिद्धराम पंडिताराध्य का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार गठन के समय मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई आपसी समझौता हुआ था तो हाईकमान को अब उस समझौते को लागू करना चाहिए।

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कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान जारी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Karnatak News: श्रीशैल पीठ के जगद्गुरु चन्ना सिद्धराम पंडिताराध्य ने कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार गठन के समय मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई आपसी समझौता हुआ था तो हाईकमान को अब उस समझौते को लागू करना चाहिए। अगर सहमति बन जाती है तो आलाकमान को डीके को मुख्यमंत्री पद दे देना चाहिए।

मुख्यमंत्री पद को लेकर मतभेद जारी

श्रीशैल पीठ के जगद्गुरु चन्ना सिद्धराम पंडिताराध्य बागलकोट के अमीनगड में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच प्रतिस्पर्धा है, लेकिन अगर पहले से कोई सहमति बनी थी तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे पास यह जानकारी नहीं है कि सरकार गठन के समय क्या समझौता हुआ था, लेकिन अगर कोई सहमति बनी थी तो उसे लागू किया जाना चाहिए। डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों ही अनुभवी और कुशल राजनेता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विकास पर ध्यान केंद्रित करना सभी नेताओं की प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि सत्ता को लेकर खींचतान।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर मतभेद की चर्चा तेज हो रही है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को ढाई साल होने वाले हैं। ऐसे में डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कांग्रेस विधायकों का एक धड़ा ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री फॉर्मूले की याद दिलाता है, जबकि सिद्धारमैया के पक्ष में खड़े विधायक नेतृत्व परिवर्तन से स्पष्ट मना करते हैं। उनका दावा है कि सिद्धारमैया 5 साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे। 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन डीके शिवकुमार उस समय रेस में आगे थे। बीते दो साल में अक्सर डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठती रही है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक में इसको लेकर खींचतान है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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