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सेंगोल की स्थापना से पहले सर्वधर्म समभाव पूजा, नई संसद भवन के उद्घाटन से पहले क्या-क्या होगा? जानें पूरा कार्यक्रम

  • Written by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 25, 2023, 07:52 PM IST

New Parliament Building Inauguration: नई संसद भवन के उद्घाटन से पहले 28 मई (रविवार) को नए संसद भवन में हवन-पूजन किया जाएगा। इसके तुरंत बाद सेंगोल को लोकसभा स्पीकर की कुर्सी के बगल में स्थापित किया जाएगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश को संबोधित करेंगे। उनका संबोधन सबसे आखिरी में होगा।

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Parliament New Building

Photo : BCCL

New Parliament Building Inauguration: 28 मई, 2023...यह वह तारीख है, जो देश के इतिहास में हमेशा के लिए अमर होने वाली है। भारत की सियासी घटनाओं का जब-जब जिक्र होगा, इतिहास लिखने वाले इस तारीख का जिक्र जरूर करेंगे। दरअसल, 28 मई को देश को नया संसद भवन मिलने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी दिन इस संसद भवन का उद्धाटन करेंगे, जिसके बाद भारतीय लोकतंत्र के सभी नए कानून इसी संसद भवन में बनेंगे।

नए संसद भवन के उद्धाटन के साथ एक और ऐतिहासिक काम होने जा रहा है। भारत की स्वतंत्रता का प्रतीक 'सेंगोल' भी इसी दिन संसद भवन में स्थापित किया जाएगा। यह वही सेंगोल है, जिसे स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने ब्रिटिश सरकार से लिया था। अब तक यह सेंगोल संग्रहालय में रखा हुआ था, लेकिन अब इसे लोकसभा स्पीकर की कुर्सी के बगल में इसे स्थापित किया जाएगा।

सुबह 7:30 बजे हवन और पूजा

नई संसद भवन के उद्घाटन से पहले 28 मई (रविवार) को नए संसद भवन में हवन-पूजन किया जाएगा। इसके तुरंत बाद सेंगोल को लोकसभा स्पीकर की कुर्सी के बगल में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद सर्वधर्म समभाव पूजा की जाएगी, जिसमें सभी धर्मों के धर्माचार्य मौजूद रहेंगे।

जारी होगा सिक्का और स्टांप

नई संसद भवन के उद्घाटन को लेकर केंद्र सरकार की ओर से खास तैयारियां की गई हैं। जानकारी के मुताबिक, नई संसद भवन के उद्घाटन के साथ ही एक सिक्का और स्टांप भी जारी किया जाएगा। इसके बाद दो फिल्मों की स्क्रीनिंग भी होगी।

सबसे आखिर में पीएम मोदी का संबोधन

संसद भवन के उद्घाटन समारोह में राज्ससभा के उपसभापति भी मौजूद रहेंगे। वे राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का संदेश पढ़ेंगे। इसके बाद लोकसभा स्पीकर का संबोधन होगा। सबसे आखिरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे।

(इनपुट- रविकांत राय)

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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