केवल FTA ही नहीं, रक्षा क्षेत्र में भी अहम समझौता करेंगे भारत-EU,नई ऊंचाई पर जाएगी रणनीतिक भागीदारी
- Edited by: आलोक कुमार राव
- Updated Jan 24, 2026, 08:15 AM IST
कजा कलास ने कहा है कि करार को अंतिम रूप दे दिया है और इस पर अगले सप्ताह हस्ताक्षर होंगे। इस रक्षा करार के बाद यूरोपीय देश भारतीय हथियार खरीदना शुरू करेंगे। खास बात यह है कि यूरोपीय संघ के दो बड़े नेताओं का दौरा ऐसे समय हो रहा है जब ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका के साथ यूरोप का टकराव बढ़ गया है।
ईयू विदेश नीति की प्रमुख कजा कलास।
Indi-EU defence deal: यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन चार दिनों की यात्रा पर भारत आ रहे हैं। दोनों नेता भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि हैं। कोस्टा और लेयेन 25 से लेकर 28 जनवरी तक भारत में रहेंगे। बताया जा रहा है कि 27 जनवरी के बीच भारत और ईयू के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। इसके अलावा ईयू की विदेश नीति की प्रमुख कजा कलास ने भारत के साथ रक्षा समझौते की पुष्टि भी कर दी है।
EU विदेश नीति की प्रमुख ने रक्षा करार की पुष्टि की
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कलास ने कहा है कि करार को अंतिम रूप दे दिया गया है और इस पर अगले सप्ताह हस्ताक्षर होंगे। इस रक्षा करार के बाद यूरोपीय देश भारतीय हथियार खरीदना शुरू करेंगे। खास बात यह है कि यूरोपीय संघ के दो बड़े नेताओं का दौरा ऐसे समय हो रहा है जब ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका के साथ यूरोप का टकराव बढ़ गया है। यूरोप का अमेरिका पर से भरोडा डिग गया है और वह अपने लिए नए एवं मजबूत साझेदार की तलाश में है।
FTA का हो सकता है एलान
इसके अलावा, दोनों नेता 27 जनवरी को आयोजित होने वाले 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। भारत दौरे पर उनकी मुलाकात देश की राष्ट्रपति और प्रथम नागरिक द्रौपदी मुर्मु से होगी। इसके साथ ही दोनों नेता भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी करेंगे। भारत और ईयू के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर बातचीत लगभग अंतिम चरण में है। ऐसे में ईयू नेताओं के भारत दौरे से कयास लगाए जा रहे हैं कि एफटीए का ऐलान हो सकता है।
'वैश्विक मुद्दों पर नेतृत्व दिखाएंगे भारत-यूरोप'
रिपोर्टों में यूरोपीय अधिकारियों के हवाले से कहा गया ‘हम एक ऐसे शिखर सम्मेलन की ओर देख रहे हैं, जिसमें दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र वैश्विक स्तर पर दो अहम किरदार हैं, जिसकी ओर से स्पष्ट संदेश दिया जाएगा कि हम एक साथ आएंगे, वैश्विक मुद्दों पर नेतृत्व दिखाएंगे।’उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन में मुख्य रूप से व्यापार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और इससे भी महत्वपूर्ण नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित होगा।
भारत को एक विश्वसनीय साझेदार मानते हैं-EU
अधिकारियों में से एक ने कहा, ‘हम शिखर सम्मेलन से महत्वपूर्ण परिणाम मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। व्यापार, प्रतिभा, प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हमारी ताकतें एक-दूसरे की पूरक हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम एक-दूसरे को विश्वसनीय साझेदार मानते हैं। इसलिए घनिष्ठ सहयोग न केवल तार्किक है, बल्कि आवश्यक भी है।’अधिकारियों ने कहा कि यूरोप के साथ अधिक निकटता से काम करने में भारत की रुचि लगातार बढ़ रही है, और दोनों पक्षों में संबंधों की समग्र दिशा का विस्तार करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति है।
'युद्ध यूरोप के लिए एक अस्तित्वगत खतरा'
उन्होंने कहा, ‘हम हर बात पर सहमत नहीं हैं, लेकिन हमारे कुछ मूलभूत हित समान हैं, जिनमें एक स्थिर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का होना शामिल है।’उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन भारत के साथ ‘यूक्रेन के खिलाफ रूस के आक्रामक युद्ध’पर चर्चा करने का भी एक अवसर होगा। अधिकारियों ने बताया कि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष कोस्टा इस संदेश को दोहराएंगे कि यह युद्ध यूरोप के लिए एक अस्तित्वगत खतरा है और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए एक सीधी चुनौती पेश करता है, और इसके हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी स्पष्ट परिणाम हैं।
इन क्षेत्रों में भी बढ़ेगा सहयोग
मुक्त व्यापार समझौते के साथ-साथ, 27 देशों वाला यूरोपीय संघ स्वच्छ हाइड्रोजन, सौर उपकरण, मशीनरी और विनिर्माण सहित विशिष्ट आपूर्ति शृंखलाओं में भारत के साथ निवेश और व्यापार सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त उपायों पर भी विचार कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि लोगों के आवागमन संबंधी नए ढांचे के दायरे में छात्र, शोधकर्ता, श्रमिक और उच्च कुशल पेशेवर आएंगे और इस पहल का मुख्य उद्देश्य यूरोप आने वाली भारतीय प्रतिभाओं को बेहतर समर्थन देना है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।