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ET NOW GBS 2026: 'पहले महीनों लगते थे, अब घंटों में फैसले'; पीएम मोदी ने बताए 2014 के बाद आए बदलाव

नरेंद्र मोदी ने ET NOW Global Business Summit 2026 में सरकार की निर्णय लेने की तेजी, नीतिगत सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे कैबिनेट नोट्स और परियोजनाओं की प्रक्रियाओं को समयबद्ध बनाकर वर्षों की देरी खत्म की गई।

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पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना भी साधा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ET NOW Global Business Summit 2026 को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सरकार की निर्णय लेने की गति, नीतिगत सुधारों, बुनियादी ढांचे के तेज विकास, डिजिटल और तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर अपनी सरकार के दृष्टिकोण को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि किस तरह प्रक्रियाओं में सुधार कर फाइलों को वर्षों की देरी से निकालकर समयबद्ध फैसलों की व्यवस्था बनाई गई, सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की रफ्तार बढ़ाई गई और भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की दिशा दी गई।

पहले एक फाइल को पास होने में महीनों लग जाते थे- पीएम मोदी

ET NOW Global Business Summit 2026 को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सरकार के कामकाज के तरीके को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए एक प्रसंग साझा किया। उन्होंने कहा कि पहले कैबिनेट नोट्स की प्रक्रिया बेहद धीमी हुआ करती थी और एक फाइल को निर्णय तक पहुंचने में महीनों लग जाते थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमने प्रक्रिया बदली और तय किया कि कोई भी कैबिनेट नोट किसी अधिकारी की मेज पर तय समय से ज्यादा नहीं रहेगा। या तो उसे मंजूरी मिलेगी या खारिज किया जाएगा, लेकिन फैसला जरूर होगा। इसके नतीजे आज साफ दिखाई दे रहे हैं।”

सीमा क्षेत्र के विकास पर दिया जोर

उन्होंने सीमा क्षेत्रों के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि पहले हालात ऐसे थे कि सीमावर्ती इलाकों में एक सामान्य सड़क के निर्माण के लिए भी दिल्ली से अनुमति लेनी पड़ती थी। इसी वजह से दशकों तक इन क्षेत्रों में विकास नहीं हो पाया। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने इन परियोजनाओं की प्रक्रियाओं को फास्ट-ट्रैक किया, जिससे अब सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से बुनियादी ढांचा विकसित हो रहा है।

एफटीए पर भी बोले

प्रधानमंत्री ने भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) पर भी बात की। उन्होंने सवाल उठाया कि आज जिन व्यापार समझौतों की चर्चा हो रही है, वे 2014 से पहले क्यों संभव नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि उस समय भी देश वही था, युवा वही थे और व्यवस्था भी वही थी, लेकिन जो बदला वह था नीति, मंशा और भारत की क्षमताओं पर भरोसा।

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत को अक्सर 'Fragile Five' देशों में गिना जाता था। उस दौर में नीति-गत ठहराव, भ्रष्टाचार और कमजोर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर जैसी समस्याएं थीं। विकसित देशों के साथ व्यापार समझौतों को लेकर यह आशंका रहती थी कि इससे घरेलू बाजार को नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि इसी कारण 2014 से पहले की सरकार केवल चार देशों के साथ ही व्यापक व्यापार समझौते कर सकी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस सोच को बदला और आत्मविश्वास के साथ भारत को वैश्विक व्यापार मंच पर मजबूती से स्थापित किया।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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