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एकनाथ शिंदे आज शाम तक लौट सकते हैं मुंबई, महाराष्ट्र सीएम को लेकर हो सकती है बड़ी बैठक

Maharashtra CM Suspense: अब जब एकनाथ शिंदे के मुंबई वापस लौटने की अटकलें हैं तो ऐसे में माना जा रहा है कि मुंबई में आज शाम अहम बैठक हो सकती है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी।

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Eknath Shinde

Maharashtra CM Suspense: महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और रविवार शाम को सातारा से मुंबई लौटेंगे। उनके एक सहयोगी ने यह जानकारी दी। सातारा में अपने पैतृक गांव में मौजूद शिंदे को तेज बुखार हो गया, जिसके बाद शनिवार को चिकित्सकों की एक टीम ने उनकी जांच की। बता दें, शिंदे शुक्रवार को सातारा जिले में अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हुए थे। इस बीच अटकलें लगाई जाने लगीं कि वह राज्य की नयी सरकार के गठन के लिए हो रही कवायद के तरीके से खुश नहीं हैं।

शिंदे के पारिवारिक चिकित्सक आर एम पार्टे ने शनिवार को समाचार चैनलों को बताया कि उन्हें बुखार और गले में संक्रमण है। डॉ. पार्टे ने कहा, उन्हें दवाइयां दी गई हैं। दो दिन में उन्हें बेहतर महसूस होगा। वह रविवार को मुंबई के लिए रवाना होंगे। शिंदे के एक करीबी सहयोगी ने भी रविवार को बताया कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री कुछ समय से बीमार हैं और शनिवार को उन्हें बुखार हो गया। सहयोगी ने बताया कि शिंदे के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और शाम को मुंबई लौटेंगे।

मुंबई में हो सकती है अहम बैठक

अभी तक इस बात की घोषणा नहीं की गई है कि मुख्यमंत्री कौन होगा? लेकिन भाजपा सूत्रों ने बताया कि दो बार के मुख्यमंत्री एवं पूर्ववर्ती एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस इस पद की दौड़ में सबसे आगे हैं। अब जब एकनाथ शिंदे के मुंबई वापस लौटने की अटकलें हैं तो ऐसे में माना जा रहा है कि मुंबई में आज शाम अहम बैठक हो सकती है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी। बता दें, महाराष्ट्र में नयी महायुति सरकार का शपथग्रहण पांच दिसंबर की शाम को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगे।

महायुति ने जीती थीं 230 सीटें

महाराष्ट्र में 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के गठबंधन महायुति ने 288 में से 230 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। भाजपा 132 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी जबकि शिवसेना ने 57 और राकांपा ने 41 सीट जीतीं। लेकिन सरकार के गठन में देरी हो रही है क्योंकि गठबंधन इस बात पर आम सहमति नहीं बना पाया है कि मुख्यमंत्री कौन होगा?

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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