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एक और AAP नेता पर शिकंजा, विधायक गुलाब सिंह के ठिकानों पर IT रेड

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 23, 2024, 11:57 AM IST

APP MLA Gulab Yadav ED Raid: दिल्ली सरकार में मंत्री और आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, हम गुजरात में चुनाव लड़ रहे हैं और पार्टी के गुजरात प्रभारी गुलाब सिंह यादव के यहां आज छापेमारी हो रही है। उन्होंने कहा, आने वाले समय में आप नेताओं और अन्य विपक्षी नेताओं पर छापे मारे जाएंगे ताकि विपक्ष डरकर चुप हो जाए।

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आप विधायक गुलाब सिंह यादव के घर ईडी की छापेमारी

Photo : ANI

APP MLA Gulab Yadav ED Raid: शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और उन्हें ईडी की हिरासत में भेजे जाने के बाद एक और AAP नेता पर शिकंजा कसा है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह-सुबह आयकर विभाग के अधिकारियों ने मटियाला से आप विधायक गुलाब यादव के ठिकानों पर छापा मारा है। आईटी के अधिकारी अभी उनके ठिकानों पर मौजूद हैं और तलाशी अभियान चला रहे हैं। उधर, आम आदमी पार्टी ने फिर से ईडी की मंशा पर सवाल उठाए हैं और केंद्र सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है।

दिल्ली सरकार में मंत्री और आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के लोग जान चुके हैं कि बीजेपी सरकार पूरे विपक्ष को जेल में डालने में लगी है। उन्होंने कहा, यह देश रूस की राह पर चल रहा है। पहले बांग्लादेश, पाकिस्तान, नॉर्थ कोरिया में ऐसा देखा जा चुका है और अब भारत भी उसी रास्ते पर है। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अब तानाशाही की राह पर है, जहां लोगों के बुनियादी अधिकार खत्म कर दिए जाएंगे और विपक्ष को रोक दिया जाएगा। उन्होंने कहा, हमारे शीर्ष 4 नेता झूठे मामलों के तहत जेल में हैं। हम गुजरात में चुनाव लड़ रहे हैं और पार्टी के गुजरात प्रभारी गुलाब सिंह यादव के यहां आज छापेमारी हो रही है। उन्होंने कहा, आने वाले समय में आप नेताओं और अन्य विपक्षी नेताओं पर छापे मारे जाएंगे ताकि विपक्ष डरकर चुप हो जाए।

क्या है आम आदमी पार्टी की आगे की योजना

अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में आम आदमी पार्टी ने देशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई है। 23 मार्च यानी आज शहीदी दिवस के मौके पर दिल्ली आईटीओ के पास शहीदी पार्क में सभी विधायक और पार्टी के नेता जुटेंगे। इसमें पंजाब के सीएम भगवंत मान भी होंगे वहीं कहा जा रहा है। पूरी दिल्ली में 24 मार्च को जगह-जगह पीएम के पुतले फूंके जाएंगे। 25 मार्च यानी होली के दिन (Holi 2024) कोई भी आप कार्यकर्ता मोदी होली नहीं मनाएंगे। 26 मार्च को पूरे दिल्ली के लोग इस तानाशाही के खिलाफ पीएम आवास पहुंचेंगे और घेराव करेंगे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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