देश

केरल सीएम के साथ उनके मंत्री पर ED का एक्शन, KIIFB मसाला बॉन्ड मामले में भेजा कारण बताओ नोटिस

प्रवर्तन निदेशालय ने मसाला बॉन्ड मामले में केरल के मुख्यमंत्री विजयन, पूर्व मंत्री इसाक को कारण बताओ नोटिस भेजा है। केरल सरकार ने इस मामले में किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया है

Image

केरल के मुख्यमंत्री विजयन (फाइल फोटो)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केआईआईएफबी मसाला बॉन्ड (KIIFB) मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, पूर्व वित्त मंत्री थॉमस इसाक और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. एम. अब्राहम को 467 करोड़ रुपये के फेमा उल्लंघन से संबंधित कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह नोटिस 12 नवंबर को जारी किया था। इसमें व्यक्तिगत रूप से पेश होने की आवश्यकता नहीं होती है।

उन्होंने बताया कि यह नोटिस 'केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड' और उसके प्राधिकारियों द्वारा फेमा प्रावधानों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुख्य निर्देशों के कथित उल्लंघन से संबंधित है, जिसकी राशि 466.91 करोड़ रुपये है।केआईआईएफबी के अध्यक्ष के रूप में 80 वर्षीय विजयन, बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में केरल के पूर्व वित्त मंत्री इसाक और केआईआईएफबी के सीईओ के रूप में अब्राहम के अलावा संस्थान को भी नोटिस जारी किए गए हैं।

केरल सरकार ने इस मामले में किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया

केरल सरकार ने इस मामले में किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया है। ईडी अधिकारियों ने बताया कि केआईआईएफबी एक कॉरपोरेट निकाय है, जिसने 2019 में ईसीबी (बाह्य वाणिज्यिक उधारी) के तहत 2,672.80 करोड़ रुपये के बॉन्ड के माध्यम से धन जुटाने के लिए लंदन और सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज में 'मसाला बॉन्ड' जारी किया था।

ईडी ने मामले में इस साल 27 जून को फेमा के तहत शिकायत दर्ज की थी

मसाला बॉन्ड भारत के बाहर जारी किये जाने वाले बॉन्ड होते हैं, लेकिन स्थानीय मुद्रा के बजाय इन्हें भारतीय मुद्रा में जारी किया जाता है।

राज्य सरकार ने 2018 में राज्य में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के लिए ऐसा किया था।अधिकारियों ने बताया कि इस धनराशि के एक हिस्से के रूप में 466.91 करोड़ रुपये का भूमि खरीदने में इस्तेमाल किया गया, जो 'विशेष रूप से निषिद्ध' था और यह आरबीआई द्वारा जारी मुख्य निर्देश और परिपत्र का उल्लंघन था।ईडी ने मामले में इस साल 27 जून को फेमा के तहत शिकायत दर्ज की थी। फेमा के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है।

ईडी की जांच केआईआईएफबी द्वारा मसाला बॉन्ड के माध्यम से जुटाए गए 2,000 करोड़ रुपये के अंतिम उपयोग और फेमा मानदंडों के अनुपालन से संबंधित है।केआईआईएफबी बड़ी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए केरल सरकार की प्राथमिक एजेंसी है और इसने राज्य में बड़ी व महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए 50,000 करोड़ रुपये जुटाने की अपनी योजना के तहत 2019 में अपने पहले मसाला बॉन्ड 'इश्यू' के जरिए 2,150 करोड़ रुपये जुटाए थे।

इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता टी एम थॉमस इसाक ने सोमवार को केआईआईएफबी मसाला बॉन्ड मामले में कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए ईडी की कड़ी आलोचना की और केंद्रीय एजेंसी के इस कदम को 'राजनीति से प्रेरित' बताया। इसाक ने पथनमथिट्टा में संवाददाताओं से कहा कि राज्य में चुनाव नजदीक हैं और ईडी केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के लिए अभियान चला रही है।

इसाक ने कहा, 'यह मामला पहली बार 2020 में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान सामने आया था। फिर पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान। उसके बाद पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान। अब एक बार फिर स्थानीय निकाय चुनाव नज़दीक आने पर यह मामला फिर से गरमा गया है।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article