West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से फोन पर बात की। दोनों नेताओं की बातचीत पश्चिम एशिया संघर्ष के वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले परिणामों पर केंद्रित रहा। जयशंकर ने खुद इसकी जानकारी दी।
जयशंकर और रुबियो की बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दी गई सीमा को पांच दिनों के लिए बढ़ाए जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
जयशंकर ने क्या कुछ कहा?
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया, ''आज शाम मेरी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ फोन पर विस्तृत टेलीकॉन्फ्रेंस हुई । हमारी चर्चा पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव पर केंद्रित रही। खास तौर पर ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर भी बात हुई। हमने आगे भी संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई है।''
अमेरिका पांच दिनों तक ईरान पर नहीं करेगा हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दी गई समय सीमा सोमवार को बढ़ा दी और कहा कि अमेरिका पांच दिन के लिए बिजली संयंत्रों पर हमले नहीं करेगा। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट में यह घोषणा की। इसके ठीक बाद ईरानी सरकारी टेलीविजन की स्क्रीन पर एक ग्राफिक में कहा गया, ''ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पीछे हटे।''
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच 'बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत' हुई है, जिससे युद्ध का 'पूर्ण और निर्णायक समाधान' निकल सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि बातचीत 'पूरे सप्ताह' जारी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि बिजली संयंत्रों पर हमला करने की उनकी धमकी को स्थगित करना 'चल रही बैठकों और चर्चाओं की सफलता पर निर्भर है।'
