Dharmendra Pradhan Resign: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष और आंदोलनकारी छात्र संगठन इस फैसले को देश के युवाओं और 'जेन ज़ेड' (Gen Z) की बड़ी जीत मान रहे हैं। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि 25 जुलाई 2026 का दिन इतिहास में दर्ज होगा, जब देश के लोगों ने अपना हक वापस लेना शुरू कर दिया है।
प्रियंका गांधी ने युवाओं के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठियां चलाई गईं और आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लेकिन वे अपने कदम पीछे हटाने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने साबित कर दिया कि जब निष्ठा और सच्चाई साथ हो, तो किसी भी ताकत को झुकाया जा सकता है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले के पहले दिन से ही राहुल गांधी और विपक्ष युवाओं के साथ खड़े थे।
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युवाओं के सत्य के सामने सरकार का घमंड टूटा-कांग्रेस
पार्टी का कहना है कि युवाओं के सत्य के सामने सरकार का घमंड टूटा है और जब तक पूरी शिक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं हो जाते, यह लड़ाई जारी रहेगी। दूसरी ओर, इस फैसले को सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने इसे किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि सड़कों से निकले सीधे और पारदर्शी लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि बिना किसी डर के अपनी आवाज बुलंद करने वाले युवाओं का यह धैर्य काबिले-तारीफ है।
अभिजीत दीपके क्या बोले?
इसी बीच, आंदोलन की अगुवाई कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने कहा कि "झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।" उन्होंने कहा कि जो लोग दावा करते थे कि यह सरकार किसी का इस्तीफा नहीं लेती, आज देश की युवा शक्ति ने उन्हें आईना दिखा दिया है। कुल मिलाकर, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे ने यह साफ कर दिया है कि देश का युवा अब अपने भविष्य के साथ कोई समझौता करने के मूड में नहीं है।
