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देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार बने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने दिलाई शपथ; जानें किसे मिली डिप्टी सीएम की कुर्सी

Devendra Fadnavis: भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने दो उपमुख्यमंत्रियों के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। उन्हें राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने पद एक गोपनीयता की शपथ दिलाई। शिवसेना अध्यक्ष एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उनके साथ शपथ ग्रहण समारोह में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

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देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार बने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री।

Maharashtra CM Oath: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल के नेता देवेंद्र फडणवीस को बृहस्पतिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति में एक भव्य समारोह में महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई। महाराष्ट्र के सीएम के रूप में फडणवीस की तीसरी बार ताजपोशी हुई है। फडणवीस ने दो उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ शपथ ली तथा मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य बाद में शपथ लेंगे।

तीसरी बार महाराष्ट्र के 'मुखिया' बने देवेंद्र फडणवीस

यह तीसरी बार है कि देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में हुआ। राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने फडणवीस एवं दो उपमुख्यमंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने और 23 नवंबर को उसके परिणाम सामने आने के उपरांत करीब दो हफ्ते तक सघन बातचीत चली थी। फिर आज फडणवीस के नेतृत्व में सरकार का गठन हो गया है।

विधानसभा चुनाव में महायुति ने हासिल की है प्रचंड जीत

महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में 132 सीट जीतने के साथ ही भाजपा के सबसे मजबूत होकर सामने आने के बाद फडणवीस (54) इस पद के प्रबल दावेदार बनकर उभरे। वह नागपुर दक्षिण पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपने घटक दलों- शिवसेना और राकांपा के साथ मिलकर भाजपा नीत महायुति गठबंधन के पास विधानसभा में 230 सीट हैं। शपथ ग्रहण समारोह से पहले फडणवीस आज सुबह यहां प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर गये और वहां उन्होंने पूजा-अर्चना की।

इससे पहले फडणवीस ने सरकार गठन का औपचारिक दावा करने के लिए शिंदे और पवार के संग राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन से मुलाकात की थी तथा गठबंधन के घटक दलों के समर्थन वाले पत्र उन्हें सौंपे थे। बुधवार को उससे पहले बैठक में फडणवीस को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था।

शपथ ग्रहण समारोह के लिए कैसी रही व्यवस्था?

इस शपथ ग्रहण समारोह में 40,000 भाजपा समर्थकों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है और विभिन्न धर्मों के नेताओं सहित 2,000 गणमान्य लोगों के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था की गई। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सुरक्षा के लिए 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। फडणवीस दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने 2014 से 2019 तक पांच साल तक भाजपा-शिवसेना सरकार का नेतृत्व किया था। वर्ष 2019 के चुनाव के बाद जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा से नाता तोड़ लिया था, तब बाद में फडणवीस ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और अजित पवार उपमुख्यमंत्री बने थे। लेकिन यह सरकार महज 72 घंटे चली क्योंकि अजित पवार पर्याप्त संख्या में राकांपा विधायकों का समर्थन नहीं हासिल कर पाये थे।

जब शिवसेना में विभाजन के बाद शिंदे के नेतृत्व में महायुति सरकार सत्ता में आयी तब फडणवीस उपमुख्यमंत्री बने। बाद में शरद पवार की अगुवाई वाली राकांपा में विभाजन कर अजित पवार अलग हो गये और वह इस महायुति सरकार में दूसरे उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल हो गये। अजित पवार (65) छठी बार उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

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