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ChakraView: मराठी हिंदू ही मेयर बनेगा' का हुआ विरोध तो बयान से पलटे फडणवीस, बोले- मेरी पार्टी के 78% उम्मीदवार मराठी तो...

ChakraViewWithSumitAwasthi: नौ जनवरी को टाइम्स नाउ नवभारत से खास बातचीत में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा था। साथ ही उन्होंने साफ किया कि मराठी हिंदू ही मुंबई का महापौर होगा।

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देवेंद्र फडणवीस

Photo : PTI

ChakraViewWithSumitAwasthi: महाराष्ट्र में बीएमसी के चुनाव में अब महज दो दिन शेष है। इससे पहले वहां सियासी बयानबाजी जोरों पर है। इस बीच, ठाकरे बंधुओं के विरोध के बाद महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस के सुर बदल गए हैं। जहां पहले फडणवीस कहते फिर रहे थे कि इस बार बीएमसी का मेयर कोई हिंदू ही बनेगा। खुद देवेंद्र फडणवीस ने टाइम्स नाउ नवभारत को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में यह दावा किया था। लेकिन जब ठाकरे बंधुओं (उद्धव और राज ठाकरे) ने उनके इस बयान का विरोध शुरू किया तो अब सूबे के सीएम ने अपना बयान बदल लिया है। अब उनका कहना है कि वे बात केवल "मराठी" की कर रहे थे।

टाइम्स नाउ नवभारत से क्या बोले थे देवेंद्र फडणवीस

नौ जनवरी को टाइम्स नाउ नवभारत से खास बातचीत में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा था। साथ ही उन्होंने साफ किया कि मराठी हिंदू ही मुंबई का महापौर होगा। एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में फडणवीस ने कहा था कि हर चुनाव अपने ढंग का होता है। देश के चुनाव की बात आती है कि पीयूष गोयल नॉर्थ मुंबई से चुनकर संसद में जाते हैं... विधानसभा का चुनाव होता है तो मंगल प्रभात लोढ़ा, योगेश सागर सहित कई उत्तर भारतीय चुनकर आते हैं। इसी में उन्होंने आगे कहा था कि मुंबई का महापौर हिंदू ही होगा हम हिंदुत्व की राजनीति क्यों नहीं करेंगे? इसमें क्या गलती है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन जीवन पद्धति हिंदुत्व है और वो संकुचित नहीं है।

ठाकरे बंधुओं ने शुरू किया विरोध

वहीं, देवेंद्र फडणवीस के इसी बयान का ठाकरे बंधुओं ने जमकर विरोध किया। ठाकरे बंधुओं ने फडणवीस के 'हिंदू' शब्द के इस्तेमाल को मराठी विरोधी करार दिया था। उन्होंने तर्क दिया कि वे किसी उत्तर भारतीय को मेयर बनाना चाहते हैं। इस विरोध के बाद फडणवीस ने 'मराठी मानुष' की बात करना शुरू किया ताकि मराठी वोट बैंक को गोलबंद किया जा सके।

अब बदले फडणवीस के सुर

देवेंद्र फडणवीस की बदलती रणनीति देवेंद्र फडणवीस इस चुनाव में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शुरुआत में भले ही फडणवीस ने दावा किया था कि मुंबई का अगला मेयर 'मराठी हिंदू' होगा, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी भाषा में बदलाव किया और केवल मराठी शब्द पर फोकस करना शुरू कर दिया। फडणवीस का अब कहना है कि उनकी पार्टी के 78% उम्मीदवार मराठी हैं, इसलिए यह बहुत स्वाभाविक है कि मुंबई का महापौर मराठी ही बनेगा।

बीएमसी चुनाव अब केवल एक नगर निगम का चुनाव नहीं रह गया

बता दें कि शिवसेना का विभाजन और अस्तित्व की लड़ाई के बीच बीएमसी चुनाव अब केवल एक नगर निगम का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह शिवसेना की विरासत की लड़ाई बन चुका है। शिवसेना अब दो हिस्सों में बंट चुकी है- एक तरफ उद्धव ठाकरे हैं और दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे। इसमें दिलचस्प बात यह है कि ठाकरे बंधु और शिंदे की पार्टी के बीच 85 सीटों पर सीधा मुकाबला है, जबकि शिंदे और उद्धव ठाकरे की शिवसेना 67 सीटों पर आमने-सामने लड़ रही हैं। ऐसे में इन 85 सीटों पर जीत हासिल करने वाला गुट ही मुंबई के लिए "असली शिवसेना" कहलाने का हकदार होगा।

एक चुनाव में कई लोगों की साख दांव पर

यह चुनाव 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों की नींव माना जा रहा है। उद्धव ठाकरे के लिए यह उनके राजनीतिक अस्तित्व और ठाकरे ब्रांड की विरासत को बचाने की लड़ाई है। यदि वे हारते हैं, तो एकनाथ शिंदे की पार्टी को ही पूरे महाराष्ट्र में 'असली शिवसेना' के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। वहीं, देवेंद्र फडणवीस के लिए भी यह एक तरह से परीक्षा की घड़ी है। मुख्यमंत्री बनने के एक साल बाद यह उनकी नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक प्रभाव (सिक्का) का परीक्षण है, क्योंकि महायुति की ओर से वही सब कुछ तय कर रहे हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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