Goa News: हाल ही में गोवा में मुख्यमंत्री द्वारा उनपर लगे आरोप से इनकार के बावजूद, राज्य में विपक्षी दल ने एक बार फिर मुद्दे को गरमाते हुए आरोप लगाया है कि सीएम प्रमोद सावंत से जुड़े एक गैर सरकारी संगठन, साई नर्सिंग इंस्टीट्यूट को डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन द्वारा अनुदान स्वीकृत किया गया था।
गोवा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि साई नर्सिंग इंस्टीट्यूट को कथित तौर पर डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन से लाभ हुआ है, जो खदान मालिकों से एकत्र किया गया एक कोष है जिसका उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में कल्याण उपायों के लिए किया जाना है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने पहले एक बयान में कहा था कि ग्रामीण विकास पहल के लिए साईं नर्सिंग इंस्टीट्यूट को जिला खनिज निधि के तहत एक योजना मंजूर की गई थी हालांकि इंस्टीट्यूट ने योजना का कोई लाभ नहीं लिया और जिला खनिज फाउंडेशन द्वारा संस्थान को कोई राशि वितरित नहीं की गई।
सीएम सावंत पर तीखा हमला करते हुए कांग्रेस नेता गिरीश चोडनकर ने कहा, "जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) द्वारा साई नर्सिंग इंस्टीट्यूट को 15 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान एक घोटाला है। यह पैसा आदर्श रूप से खनन बेल्ट के लोगों के कल्याण के लिए है। सीएम सावंत इस संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष थे ऐसे में इस इंस्टीट्यूट को बिना पारदर्शिता के फंड मिलना ये साफ तौर पर हितों का टकराव है।
गोवा आप प्रमुख अमित पालेकर ने एक आरटीआई जवाब का हवाला देते हुए सवाल उठाते हुए कहा कि "यह जानकारी सकने आई कि जिला खनिज निधि द्वारा साई नर्सिंग इंस्टीट्यूट को 15.62 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। यह सरकारी धन की खुली धोखाधड़ी है। इस मामले की पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए।"
