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Wrestlers protest: पहलवान प्रदर्शन मामले में एक्शन, गोंडा में बृजभूषण सिंह के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, बयान दर्ज किए

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jun 6, 2023, 09:33 AM IST

Wrestlers protest case : रिपोर्टों के मुताबिक सिंह पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के सिलसिले में पुलिस 12 लोगों के बयान दर्ज करने उनके आवास पहुंची। महिला पहलवानों ने सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है।

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बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप है।

Photo : ANI

Wrestlers protest case : पहलवानों के प्रदर्शन मामले में दिल्ली पुलिस ने अपना एक्शन तेज कर दिया है। पुलिस की एक टीम मंगलवार को भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के यूपी के गोंडा स्थित आवास पहुंची। रिपोर्टों के मुताबिक सिंह पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के सिलसिले में पुलिस 12 लोगों के बयान दर्ज करने उनके आवास पहुंची। महिला पहलवानों ने सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है।

अब तक 137 लोगों के बयान हुए दर्ज

रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने इन लोगों के बयान दर्ज करने के बाद उनके नाम, पता और पहचान पत्र का दस्तावेजीकरण किया। बताया गया कि टीम ने डब्ल्यूएफआई प्रमुख के कई समर्थकों से भी पूछताछ की। इस मामले में एसआईटी अब तक कुल 137 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। पुलिस ने आवास पर सिंह से पूछताछ की अथवा नहीं, इसके बारे में पता नहीं चल पाया।

पॉक्सो एक्ट में दोषी होने पर 7 साल की सजा का प्रावधान

बता दें कि सात महिला पहलवानों ने गत 21 अप्रैल को पुलिस में सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल को सिंह के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज किए। इनमें से एक केस कथित रूप से नाबालिग महिला पहलवान की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज है। छह महिला पहलवानों की शिकायत पर सिंह के खिलाफ केस आईपीसी की धारा 354, 354 ए, 354 डी और 35 के तहत दर्ज है। इसके तहत दोषी होने पर सिंह को एक से तीन साल की सजा और पॉक्सो एक्ट में दोषी होने पर सात साल की सजा हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद सिंह के खिलाफ केस दायर हुए।

सिब्बल ने जताई आशंका

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सिंह के खिलाफ हो रही पुलिस जांच पर आशंका जाहिर की है। सिब्बल ने अपने एक ट्वीट में कहा, ‘अमित शाह ने पहलवानों के दल से मुलाकात की। समाधान के लिए कुश्ती। मेरा अंदेशा : कोई गिरफ्तारी नहीं होगी। कमजोर आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। बृजभूषण शरण सिंह को जमानत मिल जाएगी। फिर वे कहेंगे कि मामला न्यायालय के विचाराधीन है।’

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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