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हाईकोर्ट से अरविंद केजरीवाल को नहीं मिली राहत, ED को 2 अप्रैल को दाखिल करना होगा जवाब

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 27, 2024, 07:04 PM IST

Arvind Kejriwal News: दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की याचिका पर ईडी को जवाब दाखिल करने के लिए 2 अप्रैल तक का समय दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 अप्रैल को होगी। यानी केजरीवाल फिलहाल ईडी की हिरासत में ही रहेंगे। बता दें, अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।

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अरिवंद केजरीवाल को राहत नहीं...

Photo : Twitter

Arvind Kejriwal News: शराब घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने केजरीवाल की याचिका पर ईडी को जवाब दाखिल करने के लिए 2 अप्रैल तक का समय दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 अप्रैल को होगी। यानी केजरीवाल फिलहाल ईडी की हिरासत में ही रहेंगे।

सूत्रों की मानें तो ईडी के बाद अब सीबीआई भी केजरीवाल की हिरासत की मांग करेगी। बता दें, ईडी ने 21 मार्च को अरविंद केजरीवाल ने दो घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 28 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था।

ईडी ने मांगा था समय

बता दें, अरविंद केजरीवाल के वकीलों की ओर से मुख्यमंत्री की रिहाई और मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी। हालांकि, ईडी ने तत्काल सुनवाई का विरोध किया और केजरीवाल की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए हाईकोर्ट से समय की मांग की गई थी। इस पर कोर्ट ने ईडी को जवाब दाखिल करने के लिए 2 अप्रैल तक का समय दिया है। केजरीवाल की अंतरिम राहत की याचिका पर अब हाईकोर्ट 3 अप्रैल को सुनवाई करेगा।

कल कोर्ट में सबूत पेश करेंगे केजरीवाल

उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा कि उनके पति 28 मार्च को कोर्ट को कथित शराब घोटाले की सच्चाई बताएंगे और सबूत भी पेश करेंगे। उन्होंने कहा, 'दो साल की जांच के बावजूद ईडी एक पैसे का भी सबूत नहीं ढूंढ पाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के आवास पर छापा मारा लेकिन केवल 73,000 रुपये मिले।' सुनीता केजरीवाल ने कहा, 'मेरे पति ने हिरासत में रहते हुए जल मंत्री आतिशी को निर्देश जारी किए। केंद्र को इससे दिक्कत थी। क्या वे दिल्ली को बर्बाद करना चाहते हैं?'

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प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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