देश

दिल्ली ब्लास्ट: टैटू और टी-शर्ट देख पीड़ितों के परिवार ने की अपनों की पहचान, टूटी आखिरी उम्मीद

हुंडई i20 कार में विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इससे मीटर दूर पार्क किए गए वाहनों की खिड़कियां टूट गई और आसपास की इमारतों को हिला दिया। फटी हुई आस्तीन, टी-शर्ट और टैटू के निशानों से परिवारों ने अपनों की पहचान की।

Image

दिल्ली धमाके में पीड़ितों की पहचान टैटू-टी शर्ट देखकर हुई (PTI)

Delhi Blast: दिल्ली में लाल किले में सोमवार को हुए विस्फोट के बाद जो अराजकता और दहशत फैली, उसके बाद परिवारों के लिए अपने प्रियजनों को ढूंढना और पहचानना मुश्किल हो गया था। टैटू और टी-शर्ट जैसी चीजों से पीड़ित परिवारों ने अपनों को पहचाना। ये पल उनके लिए दुनिया का सबसे बड़ा दर्द बनकर उभरा और प्रियजनों की पहचान होते ही उनकी आंखों से आंसुओं का सैलाब बहने लगा। टैटू-टी शर्ट देखकर उनकी आखिरी उम्मीद भी जाती रही।

हुंडई i20 कार में विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इससे मीटर दूर पार्क किए गए वाहनों की खिड़कियां टूट गई और आसपास की इमारतों को हिला दिया। फटी हुई आस्तीन, टी-शर्ट और टैटू के निशानों ने पीड़ित परिवारों के सबसे बुरे डर की पुष्टि की। मारे गए लोग उनके अपने ही थे।

अमर कटारिया

ऐसा ही एक मामला 34 वर्षीय पीड़ित अमर कटारिया का था, जो चांदनी चौक के एक फार्मास्युटिकल व्यवसायी थे। विस्फोट के बाद उनका शरीर बुरी तरह से जल गया था और शव पहचान में नहीं आ रहा था। हालांकि, उनके परिवार को अमर की बाहों पर बने टैटू देखकर अंदाजा हो गया कि उन्होंने अमर को खो दिया है। उनकी बाहों पर बने टैटू- "मॉम माय फर्स्ट लव" और "डैड माय स्ट्रेंथ" ने कटारिया परिवार को मुर्दाघर में उनकी पहचान करने में मदद की। अमर के परिवार में उनकी पत्नी और तीन साल का बच्चा है।

कटारिया के पिता ने एएनआई को बताया, अमर की भागीरथ पैलेस में एक दुकान थी और वे लगभग 6:45 बजे निकले थे। हमें जानकारी तब मिली जब हमने उसके फोन नंबर पर कॉल किया, और इसका जवाब एक महिला ने दिया जिसने हमें धमाके के बारे में बताया। हमने निशानी देखकर शव की पहचान की; उनके हाथ पर एक टैटू था, एक अंगूठी के साथ एक चेन और एक बाली थी।

जुम्मन

मुर्दाघर में एक चादर के नीचे शव मिलने के बाद जुम्मन के बेताब परिवार ने उसकी टी-शर्ट देखकर उसकी पहचान की। परिवार ने बताया कि उसके पैर गायब थे, और उसका शरीर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। उसकी टी-शर्ट देखकर उसकी पहचान की। जुम्मन शास्त्री पार्क में रहता था और अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था, उसके परिवार में उसकी विकलांग पत्नी और बच्चे हैं।

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट

धमाका सोमवार शाम को लाल किले के पास सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल के पास एक धीमी गति से चल रही हुंडई i20 कार में हुआ। दिल्ली पुलिस ने कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 16 और 18, विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली विस्फोट के पीछे के लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और इसमें शामिल सभी लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। जांच एनआईए को सौंप दी गई है और जम्मू-कश्मीर से लेकर यूपी के कई शहरों तक छापेमारी का दौर जारी है। अब तक तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article