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'अगले महीने पौने 2 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा रक्षा उत्पादन', राजनाथ बोले-तेजी से आत्मनिर्भर हो रहा भारत

राजनाथ सिंह ने देश के रक्षा निर्यात का जिक्र करते हुए कहा कि भारत हमेशा रक्षा उपकरणों के आयात के लिए ही जाना जाता था। सिंह ने कहा कि साल 2014 में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार बनने से पहले तक भारत का रक्षा उपकरणों का निर्यात एक हजार करोड़ रुपये से भी कम था लेकिन आज वह बढ़कर 40 हजार करोड़ रुपये हो गया है।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।

Photo : PTI

Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और साल 2014 के 46 हजार करोड़ रुपये के कुल रक्षा उत्पादन के मुकाबले अगले महीने यह आंकड़ा पौने दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। सिंह ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण करने के बाद अपने संबोधन में रक्षा क्षेत्र में भारत की तीव्र प्रगति और रक्षा निर्यात में हुई बढ़ोतरी का जिक्र किया।

'कलपुर्जों का निर्यात केवल एक हजार करोड़ रुपये का था'

उन्होंने कहा कि 2014 के पहले भारत में छोटे-मोटे हथियारों के कलपुर्जों का निर्यात केवल एक हजार करोड़ रुपये का था लेकिन अब भारत का रक्षा क्षेत्र पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सिंह ने कहा, 'पिछले 10 वर्षों में हम सभी ने मिलकर जो मेहनत की है उसका परिणाम आज हमें मिल रहा है। वर्ष 2014 में हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन मात्र 46 हजार करोड़ रुपये था, लेकिन आज वही बढ़कर डेढ़ लाख करोड़ से अधिक हो चुका है और मैं जानकारी देना चाहता हूं कि जून समाप्त होते-होते आपको यह जानकारी मिलेगी कि यह डेढ़ लाख करोड़ नहीं, बल्कि पौने दो लाख करोड़ रुपये हो गया है।’

पहले हथियारों के आयात के लिए जाना जाता था भारत-राजनाथ

उन्होंने देश के रक्षा निर्यात का जिक्र करते हुए कहा कि भारत हमेशा रक्षा उपकरणों के आयात के लिए ही जाना जाता था। सिंह ने कहा कि साल 2014 में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार बनने से पहले तक भारत का रक्षा उपकरणों का निर्यात एक हजार करोड़ रुपये से भी कम था लेकिन आज वह बढ़कर 40 हजार करोड़ रुपये हो गया है। रक्षा मंत्री ने कहा, 'इस उपलब्धि में उत्तर प्रदेश और विशेषकर लखनऊ का भी योगदान रहा है। उत्तर प्रदेश की धरती पहले से ही भारतीय सेवा में अपनी भागीदारी के लिए जानी जाती है और यहां के जवानों ने हर युद्ध में बढ़-चढ़कर कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा भी की है लेकिन हमने इसे और आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इसी सोच के साथ हमने यहां लखनऊ में डीआरडीओ की प्रयोगशालाएं भी शुरू की हैं।’

उन्होंने कहा कि रक्षा कॉरिडोर के माध्यम से उत्तर प्रदेश भारत के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बना रहा है और लखनऊ में ब्रह्मोस का भी निर्माण हो रहा है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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