Debate on Constitution : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 दिसंबर को लोकसभा में संविधान पर दो दिवसीय बहस का जवाब दे सकते हैं। संसदीय सूत्रों के हवाले से मीडिया में यह रिपोर्ट दी गई है। विपक्ष ने सरकार से शीतकालीन सत्र में संविधान पर चर्चा कराने की मांग की थी। लोकसभा में इस चर्चा की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान से होगी। वहीं, राज्यसभा में संविधान पर बहस की शुरुआत गृह मंत्री अमित शाह 16 दिसंबर को करेंगे। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने जॉर्ज सोरोस की फंडिंग का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की। इस पर संसद में भारी हंगामा हुआ।
17 दिसंबर को राज्यसभा में पीएम देंगे बहस का जवाब
समझा जाता है कि प्रधानमंत्री 17 दिसंबर को राज्यसभा में बहस का जवाब देंगे। बता दें कि संविधान पर बहस कराने की विपक्ष की मांग सरकार ने मान ली है। लोकसभा में 13-14 दिसंबर को और राज्यसभा में 16-17 दिसंबर को संविधान पर बहस कराना तय हुआ है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 दिसंबर यानी शनिवार को भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर हुई बहस का जवाब देंगे। जबकि गृह मंत्री अमित शाह 16 दिसंबर को राज्यसभा में बहस की शुरुआत करेंगे।'
बता दें कि विपक्ष के हंगामे एवं विरोध-प्रदर्शन की वजह से संसद का कामकाज नहीं हो पा रहा है। इंडी गठबंधन के कई घटक दलों के सांसदों ने अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे को लेकर सोमवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, द्रमुक, शिवसेना (उबाठा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ अन्य दलों के सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए और जवाबदेही तय किए जाने की मांग की। विपक्ष का यह भी आरोप है कि सरकार अडानी मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए जॉर्ज सोरोस का मुद्दा लेकर आई है। अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस से कांग्रेस पार्टी के साथ कथित संबंधों को लेकर भाजपा सदस्यों ने लोकसभा में हंगामा किया।
अदाणी मामले की जांच जेपीसी चाहता है विपक्ष
भाजपा ने कांग्रेस को घेरने का प्रयास करते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का संबंध जॉर्ज सोरोस की संस्था द्वारा वित्तपोषित एक ऐसे संगठन से है, जिसने कश्मीर के एक स्वतंत्र राष्ट्र के विचार का समर्थन किया है। वहीं, कांग्रेस अदाणी समूह के मामले पर चर्चा और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग कर रही है तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा के कुछ नेताओं के आरोपों से जुड़े मुद्दे उठाने का प्रयास कर रही है। इन दोनों मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच ठन गई है।
जॉर्ज सोरोस के साथ राहुल के संबंध होने का आरोप
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गत बृहस्पतिवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर विदेशी संगठनों और लोगों के माध्यम से देश की संसद, सरकार तथा अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था, जिस पर भारी हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संबंध जॉर्ज सोरोस से होने का आरोप लगाया था। कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद दुबे और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा था कि जब अदाणी समूह के ‘भ्रष्टाचार’का मुद्दा उठाया जाता है तो ‘अदाणी के एजेंट’ और ‘स्लीपर सेल’सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा विपक्ष के बारे में अपमानजनक बातें करते हैं।
