Cyclone Michaung: चक्रवात मिचौंग ने तीन राज्यों में जबरदस्त तबाही मचाई है और अपने पीछे बर्बादी के निशान छोड़ गया है। मिचौंग ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कहर मचाया और अब इन राज्यों में धीरे-धीरे स्थित सामान्य करने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। इस तूफान का सबसे अधिक असर चेन्नई पर पड़ा जहां प्रभावित हिस्सों में लोग भारी जलभराव से जूझ रहे हैं। पानी थोड़ा ही कम हुआ है और बुधवार को भी बिजली कटौती जारी रही।
राज्य में 20 की मौत
कई राज्य और केंद्रीय एजेंसियां दिन भर तांबरम और वेलाचेरी जैसे बाढ़ग्रस्त उपनगरों में राहत और बचाव कार्यों में लगी रहीं, लेकिन चेन्नई में मंगलवार को ढही एक निजी इमारत के मलबे के नीचे तीन और लोग मृत पाए गए, जिससे मरने वालों की कम से कम 20 तक संख्या बढ़ गई। बुधवार को तमिलनाडु के कुछ हिस्सों जैसे विरुधुनगर, डिंडीगुल और शिवगंगा में भारी बारिश हुई, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि कोई और नुकसान नहीं हुआ, चक्रवात कमजोर हो गया है और सबसे बुरा दौर अब खत्म हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि मंगलवार दोपहर दो बजे तटीय आंध्र प्रदेश में भूस्खलन करने वाला मिचौंग आधी रात तक कमजोर होकर गहरे दबाव में बदल गया था। उन्होंने कहा वह और कमजोर हो गया और दोपहर तक एक स्पष्ट दबाव क्षेत्र बन गया।

जगह-जगह जलभराव
चेन्नई में बरपाया कहर
बुधवार को चेन्नई और उसके पड़ोसी जिलों के कुछ हिस्सों के दृश्यों ने दिखाया कि मिचौंग ने कितना कहर बरपाया है। कई इलाके अभी भी जलमग्न हैं, लोगों को नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और बाकी एजेंसियों की बचाव टीमें फंसे हुए लोगों को ऊंचे स्थानों पर ले जा रही हैं। खाने के पैकेट अभी भी लोगों बांटने की जरूरत है। भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों को भी राहत अभियान में लगाया गया है जिससे शहर के उन हिस्सों में भी राहत सामग्री गिराई गई, जहां पहुंचना मुश्किल है।

मिचौंग का कहर
शहर के कई हिस्सों में बिजली नहीं
शहर के बड़े हिस्से में तीसरे दिन भी बिजली नहीं है, लेकिन राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इसमें से अधिकांश जगहों पर किसी अप्रिय घटनाओं से बचने के लिए बिजली काटी गई थी क्योंकि कई बिजली लाइनें अभी भी पानी के नीचे हैं। मुख्य सचिव शिव दास मीना ने कहा कि चेन्नई के कई इलाकों में पानी की निकासी की जा रही है और जहां यह प्रक्रिया पूरी हो गई है, वहां सड़कों की सफाई की जा रही है और पेयजल आपूर्ति बहाल करने का काम किया जा रहा है।

राहत-बचाव कार्य जारी
स्टालिन ने लिखा पीएम मोदी को पत्र
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 5,060 करोड़ रुपये की अंतरिम राहत देने की मांग की और तूफान से हुए नुकसान का सर्वेक्षण करने के लिए एक केंद्रीय टीम भेजने की मांग की। डीएमके सांसद टीआर बालू द्वारा प्रधानमंत्री को सौंपे गए पत्र में स्टालिन ने तूफान के कारण हुई अभूतपूर्व बारिश से हुए नुकसान का विवरण दिया है। उन्होंने लिखा, चेन्नई निगम के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। सड़कों, पुलों और सार्वजनिक भवनों जैसे बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है।
वहीं, आंध्र प्रदेश में मंगलवार को राहत कार्य के दौरान एक पेड़ गिरने से एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को सरकारी अधिकारियों को सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए तेजी से काम करने का निर्देश दिया।
