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Cyclone Dana: ओडिशा-पश्चिम बंगाल में शुरू हुआ चक्रवात 'दाना' का लैंडफाल, बारिश के साथ चल रही तेज हवाएं

Cyclone Dana Landfall: ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ आंधी शुरू हो चुकी है। IMD ने बताया है कि जब चक्रवात दाना का केंद्र जमीन पर पहुंचेगा, तो हवा की गति 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की उम्मीद है।

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चक्रवात दाना का लैंडफाल शुरू।

Photo : iStock

Cyclone Dana Landfall: ओडिशा और पश्चिम बंगाल में चक्रवाती तूफान 'दाना' ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। IMD के मुताबिक, ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात दाना के लैंडफाल के बाद तेज बारिश और आंधी चलना शुरू हो गई है। यही हाल पश्चिम बंगाल का है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया के शुक्रवार सुबह तक जारी रहने की संभावना है। IMD ने बताया कि तूफान पिछले छह घंटों में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा और फिर केंद्रपाड़ा जिले के भीतरकनिका और भद्रक जिले के धामरा के बीच पहुंचा। हवा की गति करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे थी।

उधर, क्रवात 'दाना' के लैंडफाल पर IMD भुवनेश्वर की निदेशक डॉ. मनोरमा मोहंती ने बताया कि चक्रवात दाना ने उत्तर पश्चिमी भाग में गति की है। चक्रवात की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके आगमन की प्रक्रिया लगातार हो रही है। धीरे-धीरे चक्रवात के कमजोर होने की भी संभावना है। उन्होंने बताया कि आज भी उत्तर ओडिशा में भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इसका प्रभाव आज पूरे राज्य में रहेगा हालांकि कल तक इसका(चक्रवात दाना) प्रभाव बहुत कम हो जाएगा।

16 जिलों में बाढ़ की चेतावनी

ओडिशा में चक्रवात से उत्पन्न भारी वर्षा के कारण 16 जिलों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी की भविष्यवाणी के बीच मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और संभावित प्रभावों को कम करने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं। माझी ने यहां विशेष राहत आयुक्त कार्यालय में नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आसन्न तूफान से निपटने के लिए ओडिशा सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी ली है।

6 लाख से ज्यादा लोगों को किया गया स्थानांतरित

इस बीच माझी ने बताया कि चक्रवात के मद्देनजर राज्य ने कुल 5,84,888 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है और शुक्रवार सुबह तक यह संख्या 600,000 से अधिक हो सकती है। उन्होंने बताया कि चक्रवात के कारण राहत केंद्रों में स्थानांतरित की गई 4,431 गर्भवती महिलाओं में से 1,600 ने बच्चों को जन्म दिया है।

माझी ने कहा, ये (विस्थापित) लोग 6,008 चक्रवात आश्रय स्थलों में रह रहे हैं, जहां उन्हें भोजन, दवा, पानी और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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