कांग्रेस इस समय उन युवा नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, जो दिल्ली के रामलीला मैदान की रैली से गायब थे। मिली जानकारी के अनुसार भारतीय यूथ कांग्रेस (IYC) ने अपने 215 पदाधिकारियों को संस्पेंड कर दिया है। जिसमें सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश के पदाधिकारी हैं।
8 राज्यों के 215 पदाधिकारी सस्पेंड
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और मतदाता सूची संशोधन में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आयोजित विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की 1 नवंबर की महारैली से अनुपस्थित रहना इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के पदाधिकारियों को भारी पड़ गया है। अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाते हुए यूथ कांग्रेस नेतृत्व ने 8 राज्यों के 215 पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कैसे पकड़ाए गायब रहने वाले पदाधिकारी?
HT की रिपोर्ट के अनुसार इस महारैली में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी दर्ज करने के लिए यूथ कांग्रेस ने हाई-टेक तरीकों का इस्तेमाल किया। सूत्रों के अनुसार, रैली में उपस्थित रहने के लिए एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन और बारकोड स्कैनर का उपयोग किया गया था। इसी से इन सदस्यों की अनुपस्थिति का पता चला। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने सभी राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर के पदाधिकारियों को मार्च और रैली में शामिल होने के कड़े निर्देश दिए थे।
मोबाइल एप्लिकेशन: रैली के स्थान, समय और अन्य दिशा-निर्देशों को साझा करने के लिए ऐप बनाया गया था। ऐप पर रजिस्ट्रेशन न करने और निर्देशों का पालन न करने वालों को चिन्हित किया गया।
बारकोड स्कैनिंग: दिल्ली के मिंटो रोड स्थित असेंबली प्वाइंट पर पहुंचे नेताओं की हाजिरी बारकोड स्कैनर के जरिए स्कैन की गई।
किस राज्य से कितने युवा नेता सस्पेंड?
कार्रवाई की चपेट में आने वाले नेताओं में सबसे बड़ी संख्या मध्य प्रदेश से है। मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस ने 'एक्स' (X) पर निलंबन आदेश साझा करते हुए इसे राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार संगठनात्मक अनुशासनहीनता की कार्रवाई बताया।
| राज्य | निलंबित पदाधिकारियों की संख्या |
| मध्य प्रदेश | 60 |
| गुजरात | 49 |
| झारखंड | 32 |
| पश्चिम बंगाल | 26 |
| तेलंगाना | 14 |
| हिमाचल प्रदेश | 13 |
| उत्तर प्रदेश (मध्य) | 11 |
| हरियाणा | 10 |
बता दें कि कांग्रेस के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक में शामिल पार्टियों ने चुनाव में गड़बड़ियों, सीईसी ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली और SIR की प्रक्रिया पर रामलीला मैदान में यह रैली बुलाई थी। इस रैली के दौरान राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी नेताओं ने सरकार और चुनाव आयोग दोनों पर हमला बोला था।
