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भारत ने आर्मेनिया को भेजे 1,000 गाइडेड पिनाका रॉकेट, रक्षा निर्यात में बड़ी कामयाबी

Defense News: भारत ने आर्मेनिया को 1,000 गाइडेड पिनाका रॉकेट की पहली खेप भेजी। ₹2,000 करोड़ के इस रक्षा समझौते को भारत के स्वदेशी रक्षा निर्यात के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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भारत ने आर्मेनिया को भेजे 1,000 गाइडेड पिनाका रॉकेट

Defense News: भारत के रक्षा निर्यात को बड़ी मजबूती मिली है। सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने आर्मेनिया को 1,000 गाइडेड पिनाका रॉकेट की पहली खेप निर्यात की है। इसे भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और हथियार निर्माण क्षमता के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जनवरी 2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नागपुर स्थित सोलर डिफेंस की फैक्ट्री से इन रॉकेटों की खेप को हरी झंडी दिखाई थी। करीब 2,000 करोड़ रुपये के रक्षा समझौते के तहत आर्मेनिया को पिनाका रॉकेट सिस्टम की चार बैटरियां, गोला-बारूद और अन्य उपकरण भी दिए जा रहे हैं।

क्या है गाइडेड पिनाका की खासियत?

DRDO द्वारा विकसित पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का गाइडेड वर्जन पहले से ज्यादा सटीक निशाना लगाने में सक्षम है। इसकी मारक क्षमता 70 किलोमीटर से ज्यादा है। गाइडेड तकनीक की मदद से यह दुश्मन के ठिकानों को अधिक सटीकता से निशाना बना सकता है।

आर्मेनिया बना पहला विदेशी ग्राहक

आर्मेनिया ने साल 2022 में भारत के साथ पिनाका सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। इसके साथ ही वह इस हथियार प्रणाली का पहला विदेशी ग्राहक बना। पहले अनगाइडेड पिनाका रॉकेट की सप्लाई 2023 में शुरू हुई थी, जो 2024 के अंत तक पूरी हो गई थी। अब गाइडेड रॉकेट की आपूर्ति से आर्मेनिया की सैन्य क्षमता और मजबूत होगी।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा

नागपुर में सोलर ग्रुप की फैक्ट्री में इन रॉकेटों का निर्माण किया जा रहा है। यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत का निजी क्षेत्र भी अत्याधुनिक हथियारों और गोला-बारूद के निर्माण में बड़ी भूमिका निभा रहा है।

भारत अब सिर्फ हथियार खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे देशों को आधुनिक हथियारों की सप्लाई करने वाला प्रमुख रक्षा निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

Shivani Mishra
Shivani Mishraauthor

Covering stories of public interest in crime and politics now. Entertainment enthusiast over five years. Reporting across Maharashtra.

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