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एस जयशंकर के पाकिस्तान दौरे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, 'विदेश मंत्री बताए वह क्या करके आए हैं'

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के पाकिस्तान दौरे को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि ‘विदेश मंत्री बताए वह क्या करके आए हैं।’ इसके साथ ही उन्होंने भारत और कनाडा के तल्ख रिश्तों को लेकर भी सवाल खड़ा किया। आपको बताते हैं, उन्होंने क्या कुछ कहा।

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर के पाकिस्तान दौरे पर सियासत।

Photo : ANI

Congress Raised questions on S Jaishankar's visit to Pakistan: कांग्रेस से राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने गुरुवार को आईएएनएस से बात की। उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस.जयशंकर की स्पीच, हरियाणा में दूसरी बार नायब सैनी के मुख्यमंत्री पद की शपथ सहित भारत और कनाडा के रिश्तों पर प्रतिक्रिया दी।

कांग्रेस ने विदेश मंत्री के पाकिस्तान दौरे पर उठाया सवाल

विदेश मंत्री डॉ. एस.जयशंकर के भाषण पर प्रमोद तिवारी ने कहा, हमें चाहिए कि जब विदेश मंत्री बाहर गए हैं तो वो विरोधी दल के जो नेता हैं उन्हें बताएं। हम मीडिया की खबरों पर क्या प्रतिक्रिया दें। हमारे देश पर पाकिस्तान हमेशा से आतंकवादी गतिविधियां बढ़ाता रहा है। इससे पहले पूर्व में स्वर्गीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पाकिस्तान गई थीं। उन्होंने पाकिस्तान से लौटने के बाद नहीं बताया था वहां क्या किया। वर्षों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिन बुलाए पाकिस्तान पहुंच गए। वहां उन्होंने क्या किया। यह नहीं बताया गया। हमें मीडिया से मिलने वाली खबरों को नहीं मान सकते हैं कि वह सही है या गलत है।

नायब सैनी के शपथ ग्रहण को लेकर उठाया ये सवाल

हरियाणा में नायब सैनी दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, एक विवादास्पद चुनाव में एक विवादास्पद परिणाम के साथ वह जीते हैं। उन्हें किसानों की समस्या पर ध्यान देने की जरूरत है। महंगाई, बेरोजगारी पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन, भाजपा को सिर्फ एक मेगा इवेंट बनाना है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदत है।

कांग्रेस ने भारत और कनाडा के रिश्ते पर की ये टिप्पणी

भारत और कनाडा के रिश्ते एक बार फिर तल्ख हो गए हैं। इस पर प्रमोद तिवारी ने कहा, राष्ट्रहित में हम देश के साथ हैं। मैं समझता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी विपक्षी दलों को बुलाएं बातचीत करें। क्योंकि, हमारे पास जो जानकारी है वह मीडिया पर आधारित है। मीडिया से आधारित जानकारी पर हम क्या प्रतिक्रिया दें। देश के प्रधानमंत्री को हम भरोसा दिलाते हैं कि राष्ट्रहित के लिए पूरा देश एक साथ खड़ा रहेगा। कनाडा को कोई अधिकार नहीं है कि वह हम पर झूठे आरोप लगाए।

(इनपुट- IANS)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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