यंग इंडिया की 751 करोड़ की संपत्ति जैसे ही ईडी ने जब्त करने की घोषणा की, कांग्रेस भड़क उठी। कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तुरंत एक बयान जारी किया और इस कार्रवाई के लिए भाजपा को लपेटे में ले लिया। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि ईडी की यह कार्रवाई प्रत्येक राज्य में चल रहे चुनावों में निश्चित हार से ध्यान भटकाने की उनकी हताशा को दर्शाता है।
ईडी की कांग्रेस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानि कि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस से जुड़ी संस्थाओं एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड और यंग इंडियन के खिलाफ जांच में 751.9 करोड़ रुपये की संपत्ति आज जब्त की है। ईडी ने 2014 में एक शिकायत के बाद अदालत के आदेश के आधार पर इस मामले में मनी-लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी।
कांग्रेस भड़की
कांग्रेस ने मंगलवार को कांग्रेस द्वारा संचालित नेशनल हेराल्ड अखबार के मामलों की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) और यंग इंडियन (वाईआई) से संबंधित संपत्तियों को जब्त करने के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के फैसले कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि यह निर्णय "प्रत्येक राज्य में चल रहे चुनावों में निश्चित हार से ध्यान भटकाने की ईडी की हताशा" को दर्शाता है। उन्होंने कहा- "पीएमएलए कार्रवाई केवल किसी विधेय या मुख्य अपराध के परिणामस्वरूप हो सकती है।" किसी भी अचल संपत्ति का कोई हस्तांतरण नहीं है। धन की कोई आवाजाही नहीं है। अपराध की कोई आय नहीं है। वास्तव में, ऐसा कोई शिकायतकर्ता नहीं है जो यह दावा करता हो कि उसे धोखा दिया गया है।"
भाजपा नेता ने की थी शिकायत
यह मामला 2013 में दिल्ली की एक अदालत में भाजपा के सुब्रमण्यम स्वामी की एक निजी शिकायत पर आधारित है। शिकायत में अखबार हासिल करने में गांधी परिवार की ओर से धोखाधड़ी और धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। दिसंबर 2015 में ट्रायल कोर्ट ने सोनिया और राहुल को इस मामले में जमानत दे दी थी। स्वामी की शिकायत में सोनिया, राहुल और अन्य पर एजेएल द्वारा कांग्रेस को दिए गए 90.25 करोड़ रुपये की वसूली का अधिकार प्राप्त करने के लिए यंग इंडियन को कथित तौर पर 50 लाख रुपये का भुगतान करके धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया।
