देश

National Herald Case: ईडी ने AJL और यंग इंडियन की 751.9 करोड़ रुपए की संपति की अटैच

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Nov 21, 2023, 07:51 PM IST

National Herald Case: प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल हेराल्ड केस में यंग इंडिया की 751.9 करोड़ रुपए की संपति अटैच की है। ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में की गई है।

Image

ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में की गई है

National Herald Case Update: नेशनल हेराल्ड केस में अपडेट सामने आया है बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस से जुड़े एजेएल और यंग इंडियन की 751.9 करोड़ रुपये की संपत्ति मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जब्त कर ली है, जब्त की गई संपत्ति में एजीएल की दिल्ली, मुंबई और लखनऊ सहित कई जगहों की प्रॉपर्टी है इसकी कुल कीमत 661.69 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

ईडी ने सोशल मीडिया एक्स पर बयान जारी कर बताया कि यंग इंडियन की प्रॉपर्टी की कीमत 90.21 करोड़ रुपये है।

नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों की सूची:-

1. दिल्ली में नेशनल हेराल्ड हाउस

2. लखनऊ में नेहरू भवन

3. मुंबई में नेशनल हेराल्ड हाउस

गौर हो कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 3 अगस्त 2022 को दिल्ली की हेराल्ड बिल्डिंग में स्थित यंग इंडिया कंपनी का ऑफिस सील कर दिया था और ED की टीम ने सुबह से देर शाम तक नेशनल हेराल्ड के दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत 16 ठिकानों पर छापेमारी की थी, ध्यान रहे कि ये कार्रवाई सोनिया गांधी और राहुल से पूछताछ के बाद की गई थी।

कोर्ट ने माना कि आरोपी व्यक्तियों ने एक विशेष प्रयोजन वाहन, मेसर्स यंग इंडियन के माध्यम से एजेएल की सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति हासिल करने के लिए आपराधिक साजिश रची थी। मेसर्स एजेएल को समाचार पत्र प्रकाशित करने के उद्देश्य से भारत के विभिन्न शहरों में रियायती दरों पर जमीन दी गई थी। एजेएल ने 2008 में अपना प्रकाशन कार्य बंद कर दिया और संपत्तियों का व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग करना शुरू कर दिया। एजेएल को रुपये का कर्ज चुकाना था। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को 90.21 करोड़ रुपये, हालांकि एआईसीसी ने 90.21 करोड़ रुपये के उक्त ऋण को एजेएल से गैर-वसूली योग्य माना और इसे बिना किसी स्रोत के एक नई निगमित कंपनी मेसर्स यंग इंडियन को 50 लाख रुपये में बेच दिया। 50 लाख रुपये भी चुकाने लायक आय उनके कृत्य से, एजेएल के शेयरधारकों के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के दानदाताओं को एजेएल और कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा धोखा दिया गया।

रवि वैश्य
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article