Congress on Ram Mandir: कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी नहीं हुई, बल्कि मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे में भी डाका डाला गया और इससे जुड़े आरोपों की जांच नहीं की गई। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया कि उनकी नाक के नीचे चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी होती रही तो उन्होंने इसे अपनी मूक सहमति देकर खुद को पाप का भागी क्यों बनाया।
राम मंदिर चंदे को लेकर कांग्रेस का बीजेपी पर हमला
रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में राम मंदिर ट्रस्ट के बाग बिजैसी जमीन सौदे को लेकर भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया, भाजपा, आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद का सपना, चंदे का माल अपना। उन्होंने जमीन संबंधी सौदे का हवाला देते हुए दावा किया कि दोनों रजिस्ट्रियों में गवाह भी एक ही थे जिनमें तत्कालीन भाजपा महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा शामिल थे। रमेश ने सवाल किया, क्या यह सही नहीं है कि 2021 की जांच रिपोर्ट पांच साल बाद भी सार्वजनिक नहीं हुई? जमीन सौदों पर एसआईटी जांच का नतीजा कब आएगा?
जयराम रमेश ने ट्वीट कर पूछे तीन सवाल
जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में कहा, बीजेपी, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद का सपना, चंदे की रकम खुद के पास रखना। राम मंदिर में सिर्फ चढ़ावा ही नहीं चुराया गया है। राम मंदिर निर्माण के लिए देश भर के करोड़ों लोगों से चंदे के रूप में इकट्ठा किए गए हजारों करोड़ रुपये भी लूट लिए गए हैं। विपक्ष द्वारा बार-बार सवाल उठाने के बावजूद, न तो कोई जांच हुई है और न ही बीजेपी, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों पर लगे आरोपों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। उन्होंने सवाल उठाया, क्या चढ़ावे से पहले चंदे की चोरी हुई? उन्होंने कहा कि हम राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े संदिग्ध सौदों को लेकर बीजेपी से अपने सवाल फिर दोहराना चाहते हैं।
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अपने सवालों में उन्होंने पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि 18 मार्च 2021 को शाम 7:10 बजे, तिवारी-अंसारी ने कुसुम पाठक से 2 करोड़ रुपये में जमीन खरीदी, और शाम 7:15 बजे उसी जमीन को चंपत राय के जरिए ट्रस्ट ने 18.5 करोड़ रुपये में खरीद लिया? सिर्फ 5 मिनट के भीतर 825 प्रतिशत की लूट कैसे होने दी गई। दूसरा सवाल उन्होंने पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि दोनों रजिस्ट्रेशनों में गवाह एक ही व्यक्ति थे, तत्कालीन बीजेपी मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा।
तीसरा सवाल उन्होंने कहा कि क्या यह सच नहीं है कि 2021 की जांच रिपोर्ट 5 साल बीत जाने के बाद भी सार्वजनिक नहीं की गई है और जमीन सौदों की एसआईटी जांच के नतीजे कब सामने आएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री से सीधा सवाल किया कि आपकी नाक के नीचे चंदे और चढ़ावे की यह चोरी होती रही, क्या आपने अपनी खामोश सहमति देकर इस पाप में हिस्सेदारी नहीं निभाई।
