Hearing on Waqf Act : वक्फ संशोधन कानून पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट विधायिका के मामले में दखल नहीं देगा। उन्होंने इस कानून को पश्चिम बंगाल में लागू न करने वाले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी है। एक समाचार चैनल से बातचीत में भाजपा नेता ने कहा कि उनके इस बयान से संदेह पैदा होता है कि उन्हें सीएम पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार है या नहीं।
संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ विधेयक
बता दें कि बीते दिनों वक्फ संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों पारित हुआ। फिर इस विधेयक पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हुए, इसके बाद इस संशोधन विधेयक की अधिसूचना जारी हो गई। देश के मुस्लिम संगठन और विपक्ष के कई दल इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं जिस पर सुनवाई होनी। कई राजनीतिक दलों की तरफ से इस संशोधन कानून को शीर्ष अदालत में चुनौती दी गई है।
शांतिपूर्ण तरीके से हो प्रदर्शन-वाम मोर्चा
वहीं, पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की राज्य के लोगों से अपील करते हुए वाम मोर्चा ने सोमवार को कहा कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने राज्य प्रशासन पर स्थिति को नियंत्रित करने में शिथिलता बरतने का आरोप लगाया। बोस ने एक बयान में कहा, 'वाम मोर्चा का मानना है कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम असंवैधानिक है।'
वाईएसआरसीपी ने भी दी चुनौती
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया। वाईएसआरसीपी से पहले, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने भी अपने महासचिव डी राजा के माध्यम से नए वक्फ कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका दायर की थी। वकील महफूज अहसन नाजकी के माध्यम से दायर अपनी याचिका में वाईएसआरसीपी ने ‘गंभीर संवैधानिक उल्लंघन’ और ‘मुस्लिम समुदाय की चिंताओं को दूर करने में विफलता’ का हवाला दिया।
काफी हद तक नियंत्रण में मुर्शिदाबाद में कानून व्यवस्था की स्थिति
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर इलाके में सोमवार को वक्फ (संशोधन) कानून के खिलाफ प्रदर्शन में हिंसा की घटनाएं हुईं। वहीं, पुलिस ने दावा किया कि मुर्शिदाबाद में कानून व्यवस्था की स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है। इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के समर्थकों की भांगर में पुलिस के साथ झड़प हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया और कई पुलिस वाहनों को आग लगा दी गई।
