Mothabari Violence: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मोथाबारी हिंसा पर हाल ही में हुए तनाव के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को ईद-उल-फितर के अवसर पर कोलकाता में आयोजित ईदगाह का दौरा किया और कहा कि उनकी सरकार दंगों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्य में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि लाल और गेरुआ ने हाथ मिला लिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार का केवल एक ही लक्ष्य है, दंगों को रोकना। बनर्जी ने कहा कि हम सभी धर्मों के लिए अपने जीवन का बलिदान करने के लिए तैयार हैं...बहुमत का कर्तव्य अल्पसंख्यक की रक्षा करना है, और अल्पसंख्यक का कर्तव्य बहुसंख्यकों के साथ रहना है। हम किसी को दंगा नहीं करने देंगे। हमारी एक ही आवाज है, दंगे रोकना।

CM Mamata Banerjee
अराजकता राजनीतिक दल पैदा करते हैं-ममता बनर्जी
भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) पर परोक्ष हमला करते हुए बनर्जी ने कहा कि दोनों पार्टियां एक-दूसरे के साथ मिली हुई हैं। उन्होंने कहा कि अराजकता कभी भी आम लोग नहीं बल्कि राजनीतिक दल पैदा करते हैं। बनर्जी ने कहा कि हम धर्मनिरपेक्ष हैं। नवरात्रि चल रही है, मैं इसके लिए भी शुभकामनाएं देती हूं, लेकिन हम नहीं चाहते कि कोई अराजकता फैलाए...आम लोग अराजकता नहीं फैलाते, बल्कि राजनीतिक दल ऐसा करते हैं। आज लाल और गेरुआ एक हो गया। इसे रहने दो। यह शर्म की बात है। उनकी टिप्पणी पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मोथाबारी इलाके में दो समूहों के बीच हिंसा भड़कने के बाद आई है , जहां 61 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
27 मार्च को हुई झड़पों के बाद तीन इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया गया था। अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) कानून और व्यवस्था जावेद शमीम ने कहा कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और 61 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एडीजी जावेद शमीम ने कहा कि मोथाबारी में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। अब तक 19 मामले दर्ज किए गए हैं और इस मामले में 61 लोगों को गिरफ्तार किया गया है...जल्द ही स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी। आज, क्षेत्र में (हिंसा की) कोई घटना नहीं हुई है। भाजपा ने भी शुक्रवार को मोथाबारी (मालदा) घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
