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पश्चिम बंगाल में 1.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने की हो रही 'साजिश', ममता का गंभीर आरोप

यहां अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में कई परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से 80 लाख नाम हटाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद पूरक सूचियों के माध्यम से और 40 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।

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पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी।

Photo : PTI

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में नागरिकों के नाम हटाये जाने के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने का बुधवार को संकल्प लिया और कहा कि उन्हें आशंका है कि तार्किक विसंगतियों का हवाला देते हुए 1.2 करोड़ से अधिक नाम हटाने की साजिश रची जा रही है। एसआईआर के पहले चरण के बाद 58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा करते हुए बनर्जी ने कहा, 'तार्किक विसंगतियों के बहाने, 14 फरवरी तक कम से कम 20 लाख और वास्तविक मतदाताओं को गुपचुप तरीके से मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया।’

भवानीपुर में परियोजनाओं का किया उद्घाटन

यहां अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में कई परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से 80 लाख नाम हटाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद पूरक सूचियों के माध्यम से और 40 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।

मैं किसी का भी नाम हटाए जाने के खिलाफ हूं-ममता

उन्होंने कहा, 'मुझे न्याय चाहिए। मैं किसी का भी नाम हटाए जाने के खिलाफ हूं... इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पीड़ित हिंदू हैं या मुसलमान, या किसी अन्य समुदाय से हैं। मैं उनके लिए प्रार्थना करूंगी, उनके साथ खड़ी रहूंगी और उनके लिए लड़ूंगी। मैं कहना चाहती हूं, जियो और जीने दो।’

सुप्रीम कोर्ट से ममता सरकार को झटका

पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर सुप्रीम कोर्ट ने 21 फरवरी को बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को बड़ा झटका देते हुए SIR की प्रक्रिया में ज्यूडिशियल अधिकारियों को शामिल करने का आदेश दे दिया। कोर्ट ने कहा कि हमने कई अंतरिम आदेश दिए उसके बावजूद राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच विश्वास की भारी कमी है। दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

निर्वाचन आयोग और 'लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई’ तृणमूल कांग्रेस सरकार के बीच 'दुर्भाग्यपूर्ण आरोप-प्रत्यारोप’ और 'विश्वास की कमी’ पर खेद जताते हुए प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कई नये निर्देश जारी किये। पीठ ने तार्किक विसंगति सूची में शामिल तथा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खतरे का सामना कर रहे व्यक्तियों के दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए न्यायिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का आदेश दिया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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