Andhra Pradesh: अब बड़ी खबर दक्षिण भारत की दो सियासी दलों से जुड़ी हुई है, जिसके कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और एक दूसरे की जान के दुश्मन बन गए। बात मामूली सी थी मगर राजनीति में कम कुछ नहीं होता। इन दोनों पार्टियों के समर्थकों ने किया भी कुछ ऐसा ही। घटना आंध्र प्रदेश की है और ये लोग थे राज्य के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी (Jagan Mohan Reddy) की पार्टी YSR Congress और सूबे के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू (Chandrababu Naidu) की पार्टी TDP के। दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने वो उत्पात मचाया कि पूरे इलाके में धारा 144 लगानी पड़ी।
जमकर हुआ बवाल
जो तस्वीरें सामने आ रही हैं उनमें दिख रहा है कि गाड़ियां जलाई जा रही हैं, पोस्टर पर डंडों से अटैक हो रहे हैं और बीच सड़क पर पत्थर से हमला किया जा रहा है। रहम की भीख मांगी जा रही है। रोंगटे खड़े कर देने वाली ये तस्वीर है आंध्र प्रदेश की। और ये रक्तचरित्र सियासी है। सड़क पर हो रहे इस घमासान में एक तरफ सत्ताधारी पार्टी YSRCP के समर्थक हैं। तो दूसरी तरफ विपक्षी दल TDP के कार्यकर्ता। आरोप है कि ये पूरा बवाल शुरु हुआ TDP के कार्यक्रम से आंध्र के माचरला इलाके में TDP का कार्यक्रम चल रहा था और बताया जा रहा है कि इसी दौरान वहां से YSR के कार्यकर्ताओं की रैली निकल रही थी। बस फिर क्या था पहले नारेबाजी हुई और फिर बात लात-घूंसो...लाठी डंडों तक जा पहुंची।
कई घर भी आग की चपेट में
दोनों ही पार्टियों के लोग गुंडे-मवालियों की तरह बीच सड़क पर इस कदर झगड़ रहे थे मानो जैसे उनके सिर पर खून सवार हो, लेकिन बात यहीं पर खत्म नहीं हुई। आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी के लोग इस तरह आग बबूला हो गए कि उन्होंने TDP के लोगों की गाड़ियां तक फूंक दी। जिसके बाद वहां पर आफरातफरी का माहौल बन गया। हंगामे की वजह से मौके पर जाम जैसे हालात बन गए। (नैट) पर विवाद यहां पर भी शांत नहीं हुआ। इस हिंसक झड़क के दौरान कई घरों को भी आग के हवाले कर दिया गया।
विवाद बढ़ा तो पुलिस की भी एंट्री हुई पुलिसवाले दोनों पार्टियों के लोगों को पहले शांत करवाते दिखाई दिए लेकिन जब बात नहीं बनी तो बेकाबू भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा और तब जाकर सड़क पर छिड़ा संग्राम शांत हुआ।
