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देश के ये शहर सबसे पहले बनेंगे स्मार्ट सिटी ! बनारस, इंदौर से लेकर इनके नाम

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 16, 2022, 06:16 PM IST

Smart Cities In India:देश में स्मार्ट सिटी डेवलप करने के लिए 100 शहरों का चयन हुआ था। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार 2 दिसंबर 2022 तक 100 स्मार्ट सिटी के लिए 34,399 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इसमें से 88 फीसदी रकम यानी 30,400 करोड़ रुपये उपयोग में लाई जा चुकी है।

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2023 में स्मार्ट सिची की पूरी हो रही है डेडलाइन

Smart Cities In India: नए साल में आपको स्मार्ट सिटी का तोहफा मिल सकता है। देश के करीब 10 शहर ऐसे हैं जिन्हें देश के पहले स्मार्ट सिटी का तमगा मिल सकता है। इन शहरों में करीब 77-86 फीसदी काम पूरा हो चुका है और ऐसी संभावना है कि नए साल में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को पूरा करने वाली लिस्ट में इन शहरों के नाम होंगे। इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र बनारस, देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से लेकर आगरा, उदयपुर, सूरत, अहमदाबाद, चेन्नई शामिल हो सकते हैं। साल 2015 में मोदी सरकार ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को शुरू किया था और उसकी डेडलाइन जून 2023 में पूरी हो रही है।

कितना पूरा हुआ है काम

देश में स्मार्ट सिटी डेवलप करने के लिए 100 शहरों का चयन हुआ था। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार 2 दिसंबर 2022 तक 100 स्मार्ट सिटी के लिए 34,399 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इसमें से 88 फीसदी रकम यानी 30,400 करोड़ रुपये उपयोग में लाई जा चुकी है। और 7728 प्रोजेक्ट के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। इसमें से 4987 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं।

इन शहरों में सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट पूरे

सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी (CFA) की अगस्त 2022 में आई रिपोर्ट के अनुसारदेश में 10 शहर ऐसे हैं, जहां पर सबसे ज्यादा तेजी से प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं। इस लिस्ट में बनारस, सूरत, अहमदाबाद, उदयपुर, चेन्नई, आगरा, कोयंबटूर,तुमाकुरू और नई दिल्ली शामिल हैं।

शहरकितनी फीसदी प्रोजेक्ट पूरे
बनारस85.85
सूरत85.37
अहमदाबाद77.14
आगरा83.05
कोयंबटूर76.71
तुमाकुरू80.0
चेन्नई 80.43
नई दिल्ली79.46
उदयपुर76.52
इंदौर81.45
इन शहरों में सबसे कम काम
शहरकितनी फीसदी प्रोजेक्ट पूरे
अटल नगर4.65
शिलांग4.35
अमरावती-
भागलपुर8.33
सिलवासा6.98
फरीदाबाद14.63
पुडुचेरी16.95
राउरकेला17.07
मुज्जफरपुर17.86
रांची18.52
प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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