CJI Kedarnath Yatra: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को उत्तराखंड के केदारनाथ मंदिर का दौरा किया। उन्होंने पवित्र मंदिर में पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। उनके साथ उनका परिवार भी था। केदारनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और चार धाम यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुले थे। मंदिर का उनका यह दौरा उनके 'परजीवी' वाले बयान के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसने विवाद खड़ा कर दिया था।
कुछ युवा तिलचट्टों की तरह हैं..
एक सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा था, कुछ युवा तिलचट्टों की तरह हैं, जिन्हें न तो रोजगार मिलता है और न ही पेशे में कोई स्थान। उनमें से कुछ मीडिया में जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया कार्यकर्ता बनते हैं, कुछ आरटीआई कार्यकर्ता और अन्य कार्यकर्ता बनते हैं, और वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।" उन्होंने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह कहना पूरी तरह निराधार है कि उन्होंने देश के युवाओं की आलोचना की थी।
उत्तराखंड में मानसून की एंट्री से पहले ही मौसम ने मुश्किलें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर चारधाम यात्रा और पहाड़ी इलाकों में साफ देखने को मिल रहा है। खराब मौसम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। वहीं चम्पावत और विकासनगर में भी बारिश के चलते कई चुनौतीपूर्ण हालात पैदा हो गए।
केदारनाथ यात्रा पर लगा ब्रेक
रुद्रप्रयाग में शनिवार रात से लगातार बारिश हो रही है। जिसके कारण प्रशासन ने फिलहाल केदारनाथ यात्रा पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए हजारों श्रद्धालुओं को गुप्तकाशी, फाटा, रामपुर, शेरसी, सोनप्रयाग और गौरीकुंड जैसे सुरक्षित होल्डिंग इलाकों में रोक दिया है। वहीं दूसरी ओर, केदारनाथ धाम से लौट रहे यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित नीचे लाया जा रहा है।
50 श्रद्धालुओं को SDRF ने बचाया
इधर, चंपावत जिले के ऐतिहासिक रीठा साहिब गुरुद्वारे में आयोजित प्रसिद्ध जोड़ मेले के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज बारिश के कारण उफनाई नदी के बीच 50 से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए। जिसकी सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते की गई कार्रवाई से बड़ी दुर्घटना टल गई।
