इंडिगों में जारी परिचालन संकट के बीच विमानन कंपनी के चेयरमैन विक्रम मेहता ने माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि एयरलाइन का निदेशक मंडल हाल में हुए उड़ान व्यवधानों के हर पहलू की जांच करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवधानों के मूल कारणों का पता लगाने में मदद करने के लिए बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
इंडिगो चेयरमैन ने कहा कि मैं बहुत सरलता और स्पष्टता से कहना चाहता हूं,हमें उड़ान सेवाओं में हुए व्यवधान के लिए खेद है। तीन दिसंबर को अप्रत्याशित घटनाओं की एक शृंखला के चलते बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हुईं। हमारे हजारों यात्री फंस गए। मुझे पता है कि इससे कितनी परेशानी हुई।
प्रभावित यात्रियों से माफी मांगने को लेकर जारी वीडियो संदेश में इंडिगो चेयरमैन ने कहा कि संकट के उन दिनों में हम आपकी अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए। इसके लिए हम सचमुच क्षमाप्रार्थी हैं। पिछले एक सप्ताह में काफी आलोचना हुई है जिसमें से कुछ उचित और कुछ अनुचित हैं। उचित आलोचना यह है कि एयरलाइन ने आपको निराश किया। हमें अपने ग्राहकों,अपनी सरकार, अपने शेयरधारकों और अपने कर्मचारियों को जवाब देना है। हम आपको आश्वस्त करते हैं कि हम यह जांच करेंगे कि कहां गलती हुई और उससे सीखेंगे।
बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों को किया जाएगा शामिल
उन्होंने आगे कहा कि निदेशक मंडल ने निर्णय लिया है कि वह प्रबंधन के साथ काम करने के लिए बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करेगा, ताकि मूल कारणों का पता लगाया जा सके ताकि'सुधारात्मक कार्रवाई'को सुनिश्चित किया जा सके।
इंडिगो ने खुद संकट पैदा किया, यह गलत आरोप
इंडिगो के चेयरमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि एयरलाइन पर लगाए जा रहे कई आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह दावा गलत है कि इंडिगो ने खुद संकट पैदा किया या सुरक्षा मानकों में किसी तरह की ढिलाई बरती।
हमने सभी नियमों का पालन किया
उन्होंने बताया कि पायलटों के आराम से जुड़े नए नियमों को जब से लागू किया गया है,इंडिगो ने तभी से उनका पूरी तरह पालन किया है। जुलाई और नवंबर-दोनों चरणों में हमने इन्हीं दिशानिर्देशों के अनुरूप उड़ानें संचालित कीं। न तो हमने किसी नियम को नजरअंदाज किया और न ही सुरक्षा से कुछ समझौता किया।
मेहता ने व्यवधान के कारण गिनाए
मेहता ने जोर देकर कहा कि पिछले सप्ताह जो व्यवधान हुए,वे किसी जानबूझकर की गई कार्रवाई का परिणाम नहीं थे। ये समस्याएं कई आंतरिक और अचानक उत्पन्न हुई बाहरी परिस्थितियों के एक साथ आने से पैदा हुईं। इनमें हल्की तकनीकी परेशानियां,सर्दी के मौसम की शुरुआत से जुड़े शेड्यूल बदलाव,विमानन प्रणाली में बढ़ता दबाव और नए क्रू रोस्टर के तहत संचालन शामिल था।
रद्द हुईं हजारों उड़ानें
पिछले सप्ताह से ही इंडिगो ने पूरे देश में हजारों उड़ानें रद्द की हैं क्योंकि वह कड़े सुरक्षा नियमों के लिए अपनी योजना बनाने में विफल रही। ऐसे में पांच दिसंबर को रद्दीकरण सबसे अधिक रहा और उसके बाद से इसमें कमी आई है। एयरलाइन ने मंगलवार को कहा था कि उसका संचालन स्थिर हो गया है। हालांकि,बुधवार को भी दिल्ली और मुंबई सहित तीन प्रमुख हवाईअड्डों पर लगभग 220 उड़ानें रद्द हो गईं।
