देश

केंद्र और BJP शासित राज्य गिग वर्कर्स के साथ हो रहे अन्याय को कर रहे नजरअंदाज: राहुल गांधी

राहुल ने कहा, आज गिग वर्कर्स के पास स्थिर आय, सामाजिक सुरक्षा या चिकित्सा देखभाल और बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। कार्य-जीवन संतुलन बिगड़ गया है और बुनियादी मानवीय गरिमा का हनन हो रहा है। राहुल ने दावा किया कि महिला गिग वर्कर दोहरे शोषण की शिकार हैं

Rahul gandhi

राहुल ने उठाया गिग वर्कर्स का मुद्दा

Photo : PTI

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को गिग वर्कर्स (gig workers) को लेकर बीजेपी सरकारों को निशाने पर लिया। राहुल ने कहा कि गिग सेक्टर में वर्ग और जाति आधारित भेदभाव गहराई से जड़ जमा चुका है और आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों और केंद्र में भाजपा सरकारें इस अन्याय को अनदेखा कर रही हैं। न तो इसके लिए कोई ठोस कानून बनाए गए हैं और न ही गिग कंपनियों को जवाबदेह ठहराया जा रहा है।

राहुल ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने "जन संसद" में गिग वर्कर्स के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता सत्र के दौरान संसद भवन परिसर स्थित अपने कार्यालय में विभिन्न वर्गों के लोगों से मिलते हैं और इसे जन संसद नाम दिया है। राहुल ने फेसबुक पर एक पोस्ट में बैठक का वीडियो साझा करते हुए कहा कि बातचीत से यह स्पष्ट हो गया कि गिग अर्थव्यवस्था से श्रमिकों को लाभ दिलाने के लिए सरकार द्वारा ठोस और जिम्मेदार कार्रवाई जरूरी है।

उन्होंने कहा, आज गिग वर्कर्स के पास स्थिर आय, सामाजिक सुरक्षा या चिकित्सा देखभाल और बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। कार्य-जीवन संतुलन बिगड़ गया है और बुनियादी मानवीय गरिमा का हनन हो रहा है। राहुल ने दावा किया कि महिला गिग वर्कर दोहरे शोषण की शिकार हैं - आर्थिक असुरक्षा के साथ-साथ सम्मान और सुरक्षा की कमी। सहयोग के बजाय, उनसे उनके श्रम का सम्मान छीना जा रहा है। इस व्यवस्था में वर्ग और जाति आधारित भेदभाव गहराई से समाया हुआ है। गिग सेक्टर में काम करने वाले बड़ी संख्या में श्रमिक दलित और आदिवासी समुदायों से हैं, जिससे उनका शोषण और भी बढ़ जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यों और केंद्र में सत्ताधारी भाजपा सरकारें इस अन्याय को अनदेखा कर रही हैं। उन्होंने कहा, गिग कंपनियों के लिए कोई मजबूत कानून नहीं है, कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं है और कोई जवाबदेही नहीं है। राहुल ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस शासित राज्य सरकारें गिग श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी और समानता सुनिश्चित करने के लिए अधिकार-आधारित कानूनों पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, हम अपने राज्यों में एक आदर्श कानूनी ढांचा विकसित कर रहे हैं जिसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है। गिग श्रमिकों की लड़ाई सिर्फ रोजगार के लिए नहीं है – यह सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक न्याय के लिए है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

End of Article