तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलने वाले लड्डू में चर्बी मिलाने के केस में सीबीआई ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें घी सप्लाई करने वाली कंपनी के बड़े अधिकारी तक शामिल हैं। कुछ महीनों पहले तिरुपति मंदिर के प्रसाद में चर्बी मिले रहने का दावा किया गया था, इस मामले को लेकर काफी विवाद हुआ था, जिसके बाद इस केस को सीबीआई को सौंप दिया गया था।
क्या है आरोप
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में भोले बाबा डेयरी के पूर्व निदेशक विपिन जैन और पोमिल जैन, वैष्णवी डेयरी के अपूर्व चावड़ा और एआर डेयरी के राजू राजशेखरन शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच में यह सामने आया कि वैष्णवी डेयरी ने झूठा दावा किया था कि वह घी भोले बाबा डेयरी से प्राप्त करती थी, जबकि असल में उस डेयरी के पास तिरुमला तिरुपति देवस्थानम की मांग को पूरा करने की क्षमता नहीं थी। इसके अलावा, वैष्णवी डेयरी ने एआर डेयरी के नाम से निविदा प्राप्त की और इस प्रक्रिया में फर्जी रिकॉर्ड बनाए।
पूरा मामला समझिए
सीबीआई ने इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के आदेश पर शुरू की थी और इसके लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया था, जिसमें केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी, आंध्र प्रदेश पुलिस और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अधिकारी शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी और वाईएसआरसीपी (युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी) के राज्यसभा सदस्य वाई वी सुब्बा रेड्डी सहित अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने पिछले साल चार अक्टूबर को अपने आदेश में कहा था कि लड्डू बनाने में पशु चर्बी के इस्तेमाल के आरोप की जांच एसआईटी करेगी और इसकी निगरानी सीबीआई निदेशक करेंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर में आरोप लगाया था कि राज्य में वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान तिरुपति के लड्डू तैयार करने में पशु चर्बी का इस्तेमाल किया गया था। नायडू के इस बयान से बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था।
