Cash for Query Scam: लोकसभा में सवालों के बदले कैश लेने के आरोपों में घिरीं तृणमूल कांग्रेस नेता व सांसद महुआ मोइत्रा ने आखिरकार यह मान लिया है कि उन्होंने लोकसभा ID और पासवर्ड कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के साथ शेयर किए थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है और कहा है कि उन्होंने दर्शन हीरानंदानी को आईडी-पासवर्ड दिया था ताकि वह उनकी तरफ से सवाल कर सकें।
हालांकि, उन्होंने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि उन्होंने लोकसभा में सवाल पूछे जाने के बदले में कैश व किसी तरह के महंगे तोहफे लिए थे। उन्होंने कहा, कोई भी सांसद अपना सवाल खुद टाइप नहीं करता है। लिहाजा मैंने दर्शन हीरानंदानी को लॉग-इन और पासवर्ड दिया था ताकि उनके दफ्तर में कोई कर्मचारी सवालों को टाइप कर उस पर अपलोड कर दे।
ओटीपी के बाद ही सबमिट होते थे सवाल
महुआ मोइत्रा ने इंडिया टुडे को दिए साक्षात्कार में बताया कि दर्शन हीरानंदानी के दफ्तर के किसी शख्स ने इन सवालों को टाइप किया था, जो मैंने लोकसभा की वेबसाइट पर दिए थे। उनहेांने कहा, इन सवालों को अपलोड करने के बाद वे मुझे इसके बारे में बताते थे और में उन्हें एक बार पढ़ लेती थी। उन्होंने कहा, सवालों को टाइप करने के बाद एक ओटीपी आता है, जो मैं उन्हें देती थी। इसके बाद ही सवाल सबमिट होते थे। महुआ ने कहा, ऐसे में यह कहना गीलत है कि दर्शन हीरानंदानी खुद से मेरे लॉगइन आईडी का उपयोग करता था और सवाल टाइप करता था।
31 अक्टूबर को पेश होंगी महुआ
बता दें, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया किया है कि महुआ पैसे और महंगे गिफ्ट लेकर संसद में सवाल पूछती थीं। उन्होंने इस मामले में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक चिट्ठी भी लिखी थी, जिसे उन्होंने लोकसभा की एथिक्स कमेटी के पास भेज दिया था। अब महुआ मोइत्रा को 31 अक्टूबर को एथिक्स कमेटी के सामने पेश होना है। इससे पहले एथिक्स कमेटी ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ओर वकील जय अनंत से पूछताछ की थी।
