मुर्शिदाबाद में हिंसा के मामले पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा है कि वो मुर्शिदाबाद हिंसा पर आंखें मूंद नहीं सकता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुर्शिदाबाद में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दे दिया है।
मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन
बता दें कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ जारी प्रदर्शन से जुड़ी हिंसक झड़पों में दो लोगों की मौत हो गई। हिंसा प्रभावित शमशेरगंज क्षेत्र में जाफराबाद स्थित एक घर में पिता और पुत्र के शव बरामद किए गए जिनके शरीर पर चाकू से वार के निशान थे। वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में शुक्रवार को जिले के सूती और शमशेरगंज इलाकों में बड़े पैमाने पर हिंसा की खबरें आई हैं।
बीजेपी ने ममता सरकार को घेरा
भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि अगर वह स्थिति को संभालने में "असक्षम" है, तो उसे केंद्र से मदद मांगनी चाहिए। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "यह ज्ञात हो कि यह महज विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि हिंसा का एक पूर्व नियोजित कृत्य था, जिहादी ताकतों द्वारा लोकतंत्र और शासन पर हमला था, जो अपने प्रभुत्व का दावा करने और हमारे समाज के अन्य समुदायों में भय पैदा करने के लिए अराजकता फैलाना चाहते हैं। सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट कर दिया गया, सरकारी अधिकारियों को धमकाया गया और भय का माहौल बनाया गया, यह सब असहमति की झूठी आड़ में किया गया। ममता बनर्जी सरकार की चुप्पी बहुत हैरान करने वाली है।"
पुलिस ने क्या कहा
पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के सिलसिले में 110 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। नए कानून को लेकर शुक्रवार को मालदा, मुर्शिदाबाद, दक्षिण 24 परगना और हुगली जिलों में हिंसा भड़क गई थी और पुलिस वैन सहित कई वाहनों में आग लगा दी गई, सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया और सड़कें अवरूद्ध कर दी गईं।
