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दो-तीन दिन के लिए बढ़ सकता है संसद का बजट सत्र, ये खास काम करना चाहती है सरकार, अप्रैल में फिर हो सकती है बैठक

सरकार का मानना है कि बृहस्पतिवार को लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति संबंधित सदनों को स्थगित कर सकते हैं और अगली बैठक के लिए एक निश्चित तारीख की घोषणा कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया, 'सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित नहीं किया जाएगा।

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बढ़ सकती है बजट सत्र की अवधि।

Photo : PTI

Parliament Budget Session: संसद का वर्तमान बजट सत्र बृहस्पतिवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित किये जाने की संभावना नहीं है क्योंकि सरकार महिला आरक्षण को लागू करते हुए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने के लिए एक विधेयक लाने के उद्देश्य से अप्रैल के तीसरे सप्ताह में दो-तीन दिनों के लिए फिर से बैठक बुलाने की योजना बना रही है। इस साल 28 जनवरी को शुरू हुआ बजट सत्र दो अप्रैल को समाप्त होना था, लेकिन सरकार इसे कुछ दिनों के अंतराल के बाद दो-तीन दिन और बढ़ाने पर विचार कर रही है।

दोनों सदनों की बैठक बुलाई जा सकती है-सूत्र

सरकार का मानना है कि बृहस्पतिवार को लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति संबंधित सदनों को स्थगित कर सकते हैं और अगली बैठक के लिए एक निश्चित तारीख की घोषणा कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया, 'सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित नहीं किया जाएगा, बल्कि इस घोषणा के साथ स्थगित किया जाएगा कि एक निश्चित तिथि पर फिर से बैठक होगी। हम बहुत जल्द, इसी महीने में फिर से मिलेंगे।’ सूत्रों का कहना है कि अप्रैल के तीसरे सप्ताह में दो-तीन दिनों के लिए दोनों सदनों की बैठक बुलाई जा सकती है।

16 से 18 अप्रैल के लिए सत्र बुलाने की तैयारी

सरकार की योजना इस दौरान महिला आरक्षण संशोधन बिल को पारित कराने की है। विपक्ष चुनाव के बाद सर्वदलीय बैठक करने और फिर यह विधेयक लाने की मांग कर रहा है। लेकिन सरकार का कहना है कि अगर 2029 के चुनाव में लागू करना है तो डिलिमिटेशन कमीशन का गठन जल्दी करना होगा नहीं तो ये 2029 में लागू नहीं हो पाएगा। इसलिए सरकार जल्द ही इस संशोधन विधेयक को पारित कराना चाहती है।

सरकार की ओर से अभी आधिकारिक बयान नहीं

सरकार की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। विस्तारित अवधि के दौरान, सरकार द्वारा संविधान संशोधन विधेयक पेश किये जाने की संभावना है जिसके जरिये नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आम सहमति बनाने के लिए पिछले दिनों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कुछ घटक दलों और विपक्ष के कुछ क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।

सीटों के परिसीमन के बाद होगा लागू

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान के लिए 2023 में संविधान संशोधन विधेयक (नारी शक्ति वंदन विधेयक) पारित किया गया था, हालांकि उसे परिसीमन की प्रक्रिया के बाद ही लागू किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि जिस रूपरेखा को लेकर चर्चा जारी है, उसके अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़कर 816 हो जाएंगी, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

(एजेंसी इनपुट)

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

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