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मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को सौंपी अपनी विरासत, घोषित किया उत्तराधिकारी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Dec 10, 2023, 01:23 PM IST

Mayawati successor Akash Anand: बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में आयोजित एक पार्टी मीटिंग में अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।

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मायावती ने भतीजे आकाश आनंद घोषित किया उत्तराधिकारी

Photo : Times Now Digital

Mayawati successor Akash Anand: 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने रविवार को बड़ा ऐलान किया है। लखनऊ में आयोजित पार्टी मीटिंग में उन्होंने बसपा के भविष्य को लेकर फैसला किया और आधिकारिक तौर पर भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। अब मायावती की विरासत को उनके भतीजे संभालेंगे। बता दें, इस बैठक में पार्टी के सभी राष्ट्रीय व राज्य पदाधिकारियों को बुलाया गया था।

लखनऊ में मायावती ने आकाश आनंद को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर पार्टी की पूरे देश की जिम्मेदारी सौंपने का ऐलान किया है। पिछले कुछ सालों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद मायावती ने दूसरी पीढ़ी को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया था। इसी क्रम में मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को राजनीति में आगे बढ़ाना शुरू कर दिया था। मायावती ने आकाश को चुनावी राज्यों में प्रभारी भी बनाया था ।

लगातार गिर रहा बसपा का प्रदर्शन

बता दें, उत्तर प्रदेश में बसपा का प्रदर्शन लगातार खराब होता जा रहा है। 2017 और 2019 में पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था, तो वहीं 2022 के चुनाव में बसपा महज एक सीट पर ही सिमट कर रहा गई थी। इसके बाद से ही बसपा के नेतृत्व को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे थे और नेतृत्व युवा हाथों में दिए जाने की बात भी सामने आ रही थी। बता दें, लंबे समय से आकाश आनंद मायावती के साथ मंच पर दिखाई देते रहे हैं। उन्हें ही मायावती का उत्तराधिकारी माना जा रहा था, जिसका अब आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है।

2017 में राजनीति में हुई थी आकाश की एंट्री

बता दें, आकाश आनंद की राजनीति में एंट्री 2017 में हुई थी। वे पहली बार सहारनपुर रैली में मायावती के साथ मंच पर दिखाई दिए थे। आकाश आनंद ने लंदन से एमबीए किया हुआ है। वह फिलहाल पार्टी के नेशनल को ऑर्डिनेटर भी हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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